अपने पसंदीदा फ़िल्मी हीरो धर्मेन्द्र की फिल्मों में अक्सर एक डायलोग सुनने को मिलता है --कुत्ते कमीने मैं तेरा खून पी जाऊँगा ।
टोरंटो कनाडा के एक बड़े मॉल में घूमते हुए अचानक एक स्टाल पर नज़र पड़ी । लिखा था --डॉग्स मीट । हम हैरान हो गए यह सोचकर कि यहाँ भी लोग कुत्तों का मीट खाते हैं । यह आदत तो पूर्वी एसिया के लोगों में पाई जाती है । फिर पता चला कि वह कुत्ते का मीट नहीं बल्कि कुत्तों के खाने के लिए मीट था जो बेचने के लिए रखा था ।
कहते हैं कुत्ता मनुष्य का सबसे सच्चा दोस्त होता है । वह वफ़ादार भी होता है । कुत्ता शायद सबसे पहला जानवर है जो मनुष्य के साथ घरेलु बना । आज कुत्तों के बिना बहुत से घरों में सूनापन सा हो जायेगा । बहुत से लोग कुत्तों से प्यार भी बहुत करते हैं ।दरअसल कुत्तों में गुण ही ऐसे हैं कि मनुष्य भी उनके सामने काफ़िर सा नज़र आने लगता है । लेकिन हम मनुष्य हैं कि कुत्तों से कुछ भी नहीं सीखते ।
आइये देखते हैं कुत्ते और मनुष्य में समानता और विभिन्नताएं : जनसँख्या में आदमी और कुत्तों में बस एक समानता है
दोनों में मादाएं कम , और नरों की संख्या ज्यादा है ।
लेकिन आदमी और कुत्ते में एक अंतर है बहुत भारी
और वो है कुत्ते की मालिक के प्रति वफ़ादारी ।
कुत्ता अपने मालिक के लिए जान भी दे देता है
आदमी जिस थाली में खाता है , उसी में छेद कर देता है ।
कुत्ता गली में कभी दुसरे कुत्ते को नहीं काटता
आदमी है कि रोड रेज़ में सीधा गोली मारता ।
कुत्ता नींद में भी जागता है , भरोसेमंद है
आदमी नशे में ही भागता है , भरोसा बंद है ।
रोटी के इक टुकड़े से कुत्ते को मिलता संतोष
पैसे के पीछे आदमी अक्सर खो देता है होश ।
एक बार एक आदमी और कुत्ते में बहस हो गई कहीं
कुत्ता बोला कभी मैं भी इंसान था , मगर तेरी तरह कुत्ता नहीं ।
मैं भी सोचता हूँ कि काश कितना अच्छा होता
यदि आदमी आदमी न होकर एक कुत्ता होता ।
तब न होती काम , क्रोध , मद , लोभ की बीमारी
और आदमी भी होता कुत्ते की तरह सदाचारी ।
नोट : अब ज़रा आप ही बताएं कि आदमी को कुत्ता कमीना कहकर गाली देना क्या सही है।
साथ ही कोशिश करें और चित्र में दिखाए कुत्ते की नस्ल बताने का प्रयास करें ।