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Friday, January 24, 2020

नव वर्ष में एक कवि की कामना --

कामना करता हूँ कि इस नए साल में..
1.
सबकी मुरादें पूरी हों,
ना कोई इच्छाएं अधूरी हों।

बेरोजगारों को नौकरी मिले,
और कुंवारों को छोकरी मिले।

छोकरी भी सुन्दर सुशील और स्वस्थ हो,
कामकाजी और गृह कार्यों में दक्ष हो।

डॉक्टरों को मरीज़ मिलें,
और मरीज़ों को तमीज मिले। 

नेताओं को मत मिले,
और पार्टियों को बहुमत मिले।

जनता को सस्ते प्याज मिलें,
और बैंक में ज्यादा ब्याज मिले।

कवियों का मोटा लिफ़ाफ़ा हो ,
और लिफाफे की रकम में इज़ाफ़ा हो ।

आप कवि सम्मेलन कराते रहें,
और कवि आपको कवितायेँ सुनाते रहें।
2.
 ये सब मिलें ना मिलें , रहें ना रहें, पर सलामत रहे --
 बच्चों की मुस्कान, पंछियों की उड़ान।
फूलों के रंग, अपनों का संग।
बड़ों का दुलार, और भाई भाई का प्यार!

और सलामत रहे--
देश की आज़ादी, वीरों के हौसले फौलादी,।
लोकतंत्र में अटल विश्वास, और रामराज्य की आस !

और कामना करता हूँ कि --
इस वर्ष ये नया साल , करदे दिलों का वो हाल,
कि ढह जायें सब नफरत और मज़हब की दीवारें,
और सर्व धर्म मिल कर पुकारें , मुबारक हो नया साल, मुबारक हो नया साल। 

Wednesday, January 1, 2020

नव वर्ष की शुभकामनायें --



1. 

गुजर गया एक और साल ,
जाते जाते देखो कर गया क्या हाल।
भारत तो कांग्रेस मुक्त हो ना सका ,
पर खांसी मुक्त हो गए केजरीवाल।

दिल्ली में बिजली पानी बसें मेट्रो सब मुफ्त हो गए ,
केजरीवाल मोदी को भूल चुनावों में मस्त हो गए।
रोज देते हैं अख़बारों में चार चार पेज के इश्तिहार,
पर भाजपा और कॉंग्रेस नेता जाने क्यों सुस्त हो गए।

शहर में प्रदुषण पड़ गया सब पर भारी ,
एक बार फिर आई ऑड इवन की बारी।
हम करते रहते सड़क पर खड़े उबर का इंतज़ार,
गाड़ियों में फुर्र से निकल जाती महिलाएं सारी।

दिल्ली में जब ऑड ईवन फिर से आया,
सरकार ने ऐसा मुश्किल फरमान सुनाया। 
पडोसी संग कार में बैठो पर पत्नी संग नहीं,
प्रदुषण घटाने का ये फंडा समझ नहीं आया।   

देश में साल भर रही चुनावों की भरमार,
केंद्र में बनी फिर एक बार मोदी सरकार।
भाजपा की अचानक कई राज्यों में हार हो गई ,
पर हार कर भी सीएम बने खट्टर फिर एक बार। 

प्रियंका का पसीना अमेठी की गलियों में बह गया ,
राहुल का पी एम का सपना फिर भी अधूरा रह गया।
महाराष्ट्र में भाजपा जीत कर भी हार गई जब ,
शिवसेना का ईमान कच्ची दिवार सा ढह गया।

आसाराम बेल की आस में दर दर भटकते रहे ,
चिदंबरम भी १०६ दिन तक जेल में टहलते रहे।
तिहाड़ जेल में नेताओं का आवागमन रहा जारी ,
राम रहीम साल भर जेल में ही हनी हनी रटते रहे।

प्रियंका जोनास का रोमांस साल भर तो रह गया ,
रणवीर सिंह भी दीपिका को पूरे साल सह गया।
रणबीर कपूर ने तो साथ आलिआ का पा लिया ,
पर सलमान इस साल भी कुंवारा ही रह गया।

नीरव मोदी पिछले साल ११००० करोड़ लेकर फरार हो गया ,
RBI का कर्जदारों पर १४ लाख करोड़ रुपया उधार हो गया। 
विजय माल्या ९००० करोड़ डकार कर खुद लंदन में बैठा है ,
पर किंगफिशर का २०२० का रंगीन कैलेंडर तैयार हो गया। 

मोदी जी कैब को का बनाने में कामयाब हो गये ,
देश में प्रदर्शन और झगड़े मगर बेहिसाब हो गए। 
दी दी भी करने लगी क का की की छ छा छी छी ,
गली गली में पत्थरबाज चैम्पियन निशानेबाज़ हो गए। 

पुलवामा अटैक से देश में फिर फैला आतंकवाद ,
वायुसेना ने बालाकोट के आतंकी अड्डे किये बर्बाद।
अभिनन्दन ने ऍफ़ १६ गिराकर तोड़ी पाक हेकड़ी,
जाँबाज जिन्दा लौटा लगाकर नारा भारत जिंदाबाद

इधर चीन भारत की डोकलाम कूटनीति से हारा ,
उधर यू एस ने बगदादी को बिल में घुसकर मारा।
किम जोंग पट्ठा कभी ख़ुशी कभी ग़म गाता रहा ,
पर ट्रम्प को पार्लियामेंट ने ट्रम्प्ड किया करारा।

2.

कामना करता हूँ कि --इस नए साल में ,
सलामत रहे-- बच्चों की मुस्कान, पंछियों की उड़ान।
फूलों के रंग, अपनों का संग।
बड़ों का दुलार, और भाई भाई का प्यार!
और सलामत रहे--
देश की आज़ादी, वीरों के हौसले फौलादी,
लोकतंत्र में अटल विश्वास, और रामराज्य की आस !
और कामना करता हूँ कि --
इस वर्ष ये नया साल , करदे दिलों का वो हाल,
कि ढह जायें सब नफरत और मज़हब की दीवारें,
और सर्व धर्म मिल कर पुकारें , मुबारक हो नया साल, मुबारक हो नया साल। 

जनता जब सुख चैन से सो पायेगी ,
बेटियां भी जब सुरक्षित हो जाएँगी, 
इंसान में जब इंसानियत जागेगी ,
नव वर्ष की कामना तभी शुभ हो पायेगी।