Sunday, March 20, 2011

होली का हो हल्ला --सीधा प्रसारण होली के मैदान से --

होली के शुभ अवसर पर आइये आपको ले चलते हैं, अपने मोहल्ले में जहाँ सब मिलकर होली खेल रहे हैं
और दिखाते हैं होली के मैदान से --आँखों देखा हाल


गुलाब , मोतिया , चन्दन , केसर
रंग टेसू पलाश के फूलों से लेकर ,

जब पहुँच गए सपत्नीक मोहल्ले में
फिर रंग जमाया भांग के हो हल्ले में ।

गुप्ता , शर्मा, वर्मा जी को रंगों में नहलाए
रसगुल्ले , गुलाबजामुन , गुज्जियाँ खूब उडाए ।

रंग बिरंगी भीड़ में फिर , पत्नी को टटोला
जो पत्नी सी लगी तो , हाथ पकड़कर बोला ।

अज़ी अब चलिए भी , बहुत हो गई होली
वो भी मारे ख़ुशी ख़ुशी , संग हमारे होली।

घर जाकर प्रेमपूर्वक , जब उनका रंग छुड़ाया
रंग उड़ा चेहरे का और , सर अपना चकराया ।

हम ये कैसा गड़बड़ घोटाला कर आए थे
पत्नी की बदले पड़ोसन को पकड़ लाए थे ।

अपनी तो मद-मस्त थी , मर्दों की टोली
पर समझ न आया ,कि वो क्यों संग होली ।

मांफी मांग हमने फिर , भाभी जी की चाय बनाई
तभी द्वार पर धर्मपत्नी की , कड़क आवाज़ दी सुनाई ।

हमने कहा भाग्यवान , एक अनहोनी हो गई है ।
वो बोली पता है जी , शर्मा जी की पत्नी खो गई है ।

पत्नी वियोग में शर्मा जी, बहुत घबराए हैं
१०० नंबर पर रिपोर्ट लिखाने , यहीं आए हैं ।

यह सुनकर अपने हाथ पैर, पत्थर से जकड़े गए
लगा रंग उतारकर भी हम तो , रंगे हाथ पकडे गए ।

अब बाहर पडोसी संग खड़ी, पत्नी भड़क रही है
अन्दर पड़ोसन मज़े से बैठी , चाय सुड़क रही है ।

अब आप ही ज़रा बताएं , हम जाएँ तो कहाँ जाएँ ?
कहाँ जाकर मूंह छुपायें , कैसे इज्ज़त बचाएं ? ? ?

होली के दोहे :


होली के हुडदंग में, भांति भांति के रंग
रंगों की बौछार में, मस्ती लाये भंग


रंग गुलाल और भंग से , ऐसी रंगत आए
ऊंच नीच को छोडके , सब पर मस्ती छाए


शर्मा संग वर्मा जी , सबको रंगे जाएं
गोरे काले रंग में , एक नज़र सभी आएं



चश्मे पर जब हो जाये , रन्गों की बौछार
सतरंगी नज़र आये , ये सारा सन्सार


भेद भाव को भूलके , मीठे बोलें बोल
अहंकार को त्याग के, रस बरसायें घोल



आप सब को होली की हार्दिक शुभकामनायें और बधाई







40 comments:

  1. आप सब को भी होली की हार्दिक मंगलकामनाएं.

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  2. वाह आज की होली तो कवितामय हो गई

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  3. आप को सपरिवार होली की हार्दिक शुभ कामनाएं.

    सादर

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  4. प्रिय डॉ. दराल भाई जी

    रंग भरा स्नेह भरा अभिवादन !

    पत्नी के बदले पड़ोसन को पकड़ लाए …


    आहाऽऽहाऽऽ ! तभी मैं कहूं चेहरे पर इतनी चमक , आवाज़ में खनक और विचारों में महक का राज़ क्या है …

    होली पर रहस्य खुला तो सही … अब हम आपसे प्रेरणा ले'कर कुछ करेंगे … :)

    बहुत बहुत मजेदार

    भेद भाव को भूलके , मीठे बोलें बोल
    अहंकार को त्याग के, रस बरसायें घोल


    भाईसाहब , आज आपकी लेखनी को सौ सलाम !
    … और आपको हज़ार … सलाम ही तो … ;)

    बहुत मनभावन है आपकी पूरी पोस्ट
    100 में से 1000 अंक आपके नाम ! … पढ़ कर आनन्द ही इतना आया ।


    आपको सपरिवार होली की हार्दिक बधाई !


    ♥ होली की शुभकामनाएं ! मंगलकामनाएं !♥

    होली ऐसी खेलिए , प्रेम का हो विस्तार !
    मरुथल मन में बह उठे शीतल जल की धार !!


    - राजेन्द्र स्वर्णकार

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  5. होली होली हो गई, बीत गया त्यौहार।
    एक बरस के बाद फिर, बरसेगी रसधार।।
    --
    कृपा करो परमात्मा, सुखी रहें नर-नार।
    हँसी-खुशी के साथ में, मनें सभी त्यौहार।।
    --
    होली में जिस तरह से, उमड़ा प्रेम अपार।
    हर दिन ऐसा ही रहे, सबके दिल में प्यार।।
    --
    बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!

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  6. हमने कहा भाग्यवान , एक अनहोनी हो गई है ।
    वो बोली पता है जी , शर्मा जी की पत्नी खो गई है ।

    पत्नी वियोग में शर्मा जी, बहुत घबराए हैं
    १०० नंबर पर रिपोर्ट लिखाने , यहीं आए हैं ।

    आपकी हालत का अंदाजा लगा रही हूँ :):)

    होली की शुभकामनायें

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  7. होली की बहुत बहुत शुभकामनायें

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  8. हुज़ूर के चेहरे की चमक का राज समझ में अब आया ...राजेंद्र स्वर्णकार जी की बात में सहमत हूँ :-))
    हैप्पी होली !

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  9. आप को सपरिवार होली की हार्दिक शुभ कामनाएं.

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  10. आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति भी कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
    कल (21-3-2011) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
    देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
    अवगत कराइयेगा और हमारा हौसला बढाइयेगा।

    http://charchamanch.blogspot.com/

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  11. राजेन्द्र भाई , मियां तारीफ़ करना तो कोई आप से सीखे । पिघला देते हो यार ।
    आपके ब्लॉग का कनेक्शन जाने क्यों छूट सा गया है । अभी चेक करते हैं क्या माज़रा है ।

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  12. गुप्ता , शर्मा, वर्मा जी को रंगों में नहलाए
    रसगुल्ले , गुलाबजामुन , गुज्जियाँ खूब उडाए ..

    भाई आज तो होली का रंग चढ़ा है सभी पे ... किसी में फ़र्क नज़र नही आ रहा ... गुप्ता, शर्मा और वर्मा जी सभी एक से नज़र आ रहे हैं ... डाक्टर साहब मजेदार रंग छडाए हैं होली के अपने ... दोहे भी लाजवाब हैं ...
    आपको और समस्त परिवार को होली की हार्दिक बधाई और मंगल कामनाएँ ....

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  13. रंग-पर्व पर हार्दिक बधाई.

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  14. अकड़ रहे थे ये सोचकर हम, जरा भी मजनू से कम नहीं हैं,
    उतर गया है बुखार सारा, पड़े वो जूते, तेरी गली में।

    होली की हार्दिक शुभकामनायें ...

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  15. भेद भाव को भूलके , मीठे बोलें बोल
    अहंकार को त्याग के, रस बरसायें घोल ।

    होली का आँखों देखा हाल जबरदस्त रहा. अभी पुलिस में रिपोर्ट हुई तो नहीं.

    होली की हार्दिक शुभकामनायें.

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  16. इस पड़ोसन के घर के पास,
    क्या कोई घर खाली मिलेगा,
    किराया कितना भी क्यों न हो, चलेगा,
    ऊपर वाले ने चाहा तो अगली होली तक,
    मर्दों का पूरा ब्लॉगवुड वहीं बसेगा...


    जय हिंद...

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  17. "आप जेसे रंगीले पतियों का है यही हाल !
    दूसरे की पत्नी घर लाए; अपनी नोचे बाल !!"...:):):)

    भाई आनंद आ गया--होली ने जाते -जाते भी रंग बिखेर ही दिऐ .... डाक्टर साहब !

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  18. पूछ ले जमाने से, होली के बहाने से...

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  19. चलो भई रंगीली पडोसन के पास की खाली मल्टी में फ्लेट्स की बुकिंग भी चालू हो रही है । जरुरतमंद प्राथमिकता के आधार पर अपना नम्बर बुक करवा लें ।
    होली पर सभी को रंगारंग शुभकामनाएँ...

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  20. .होली पर्व पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं ...

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  21. होली और हास्य मतलब चोली दामन का साथ. आपको मिलते हैं - पुरे १०१ नंबर. "वाह होली वाह" !!

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  22. एकदम मनभावन प्रस्तुति ..हर शब्द दिल पर असर कर गया ..जितना सुंदर होली का वातावरण होता है उतना ही सुंदर वर्णन आपने किया है ...आपको सपरिवार होली की हार्दिक शुभकामनायें

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  23. बढिया कमेन्टरी डॊक्टर साहब :)

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  24. आज तो सारे ब्लाग कुएं में ही भांग पड गई लगती है.:) गजब होलियाना मूड में लिखी है आपने, बहुत शानदार.

    होली पर्व की घणी रामराम.

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  25. कवियों को किसी अन्य अवसर की तुलना में,होली पर विशेष सम्मान मिलता रहा है। क्यों,समझा जा सकता है!

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  26. रंग के बहाने पड़ोसन को उड़ा लाये ...और पोस्ट लिखने के लिए सलामत भी बचे हैं ..आश्चर्य !
    पर्व की बहुत शुभकामनायें !

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  27. आपको एवं आपके परिवार को होली की बहुत मुबारकबाद एवं शुभकामनाएँ.

    सादर

    समीर लाल
    http://udantashtari.blogspot.com/

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  28. वाह वाह भाई साहब ये हुआ न होली का धमाल और कविता का कमाल। आपकी रचना धांसू है।

    होली की शुभकामनाएं।

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  29. बेहतरीन , रंग-बिरंगी कविता । होली की शुभकामनाएं।

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  30. बहुत ही सुंदर रचना है जी !हवे अ गुड डे ! मेरे ब्लॉग पर आये !
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  31. हमने कहा भाग्यवान , एक अनहोनी हो गई है ।
    वो बोली पता है जी , शर्मा जी की पत्नी खो गई है ।

    पत्नी वियोग में शर्मा जी, बहुत घबराए हैं
    १०० नंबर पर रिपोर्ट लिखाने , यहीं आए हैं
    मस्त समां बांधा है होली का .

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  32. हाँय यह पोस्ट तो बड़ी जबरजंग है। लेकिन मेरा कमेंट कहाँ है ! इसे तो मैने कल ही पढ़ा था । कमेंट भी लिखा था। कुछ गलत लिख दिया सो आपने उड़ा दिया या फिर मैने ही नशे में दूसरा बटन दबा दिया! कुछ भी हो सकता है। जब होली में पत्नी बदल सकती है तो इस ब्लॉग का कमेंट उस ब्लॉग में भी तो जा सकता है। लगता है यहाँ वाला ताऊ में ब्लॉग में भिड़ा दिया।
    ..शुभ होली।

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  33. aaj ek arse baad hasane kee vajah se stomach ach hai aur jimmedar hai aapkee ye lotpot karne walee rachana ....kaun ye manega ki ye Dr kee lekhini ka kamal hai jee....

    mazaa aagaya jee .

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  34. खुशदीप , आपकी तरफ से एक एड हम ही निकाल देते हैं ।
    देवेन्द्र जी , होली में तो कुछ भी हो सकता है ।
    सरिता जी , होली तो त्यौहार ही हंसने हंसाने का है । चलिए अच्छा हुआ , आप खूब हंसी ।

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  35. ऐसी गलती संभव है डा. साहिब...होली तो वैसे रोज खेली जाती है - एक सज्जन अपनी पत्नी को एक रंगारंग कार्यक्रम सुनने एक मैदान में कुर्सी में बिठा छोड़ गए,,,इस बीच बारिश हो गयी तो जब उसको लेने गये तो उसको पहचान नहीं पाए क्यूंकि उसके चेहरे पर उसीके द्वारा मले गए सब रंग, सौन्दर्य प्रसाधन, पानी में घुल मिट चुके थे! ख़ुशी ख़ुशी लौटने वाले ही थे कि पत्नी ने आवाज़ दे कर बुला रंग में भंग मिला दिया :(

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  36. वाह!
    तो सबसे बढिया होली आपने खेली जी :)
    बहुत मजेदार रचना, बधाई

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  37. भेद भाव को भूलके , मीठे बोलें बोल
    अहंकार को त्याग के, रस बरसायें घोल ।

    बिलकुल होली के माकूल रचना...आनद आ गया पढ़कर.

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  38. भेद भाव को भूलके , मीठे बोलें बोल
    अहंकार को त्याग के, रस बरसायें घोल ।

    होली के तमाम रंगों में यह रंग बहुत ही चोखा है !

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  39. ख़ुशी ख़ुशी लौटने वाले ही थे कि पत्नी ने आवाज़ दे कर बुला रंग में भंग मिला दिया--ha ha ha ha !

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