कामना करता हूँ कि इस साल के चुनाव में --
सब नेताओं की मुरादें पूरी हों,
ना किसी की इच्छाएं अधूरी हों।
उम्मीदवारों को कम से कम ५% मत मिलें ,
ना जब्त हो, सभी को वापस जमानत मिले।
सर्वोत्तम पार्टी को अच्छा जनमत मिले,
जनमत भी ऐसा कि पूर्ण बहुमत मिले।
जनता को आटा चावल दाल मिले,
और दो रूपये किलो हर माल मिले।
बेघर को झुग्गी डालने की डगर मिले,
जल्दी ही झुग्गी की जगह पक्का घर मिले।
अनाधिकृत घर का मालिकाना हक़ मिले,
मालिक को बिजली पानी नेट मुफ्त मिले।
और बैंक खातों में ज्यादा ब्याज मिले।
लेकिन ये सब मिलें ना मिलें,
पर कामना करता हूँ कि --
शहर में शांतिपूर्ण चुनाव हो,
ना कोई सांप्रदायिक तनाव हो।
ना कोई मतदाता भयभीत हो,
और अंतत: लोकतंत्र की जीत हो।







