
लगभग सभी ने इस बात का अनुमोदन किया . वैसे भी भाग दौड़ की शहरी जिंदगी में लोगों के पास सचमुच नाश्ते का भी समय नहीं होता .
लेकिन अशोक सलूजा जी की टिप्पणी ने ध्यान विशेष रूप से आकर्षित किया . लिखा था --वीरू भाई टिप्पणी गायब हो रही है ...उसे स्पैम से निकालें ऐसे ...साथ ही पाबला जी का एक लिंक भी दिया हुआ था --
लेकिन अशोक सलूजा जी की टिप्पणी ने ध्यान विशेष रूप से आकर्षित किया . लिखा था --वीरू भाई टिप्पणी गायब हो रही है ...उसे स्पैम से निकालें ऐसे ...साथ ही पाबला जी का एक लिंक भी दिया हुआ था --
http://www.blogmanch.com/viewtopic.php?f=7&t=25
इसे पढ़कर अपनी तो आँखें ही खुल गई .
सौ सौ साल जियो हमारे पाबला जी .
अब समझ आया क्यों टिप्पणीकार शिकायत कर रहे थे . लेकिन स्पैम हटाने से सारी टिप्पणियां प्रकाशित हो गई .
आशा करते हैं की एक बार स्पैम से हटाने के बाद दोबारा ऐसा नहीं होगा .
फ़िलहाल तो हम श्री पाबला जी का तहे दिल से शुक्रिया अदा करते हैं . पाबला जी , हमारी ओर से आपकी एक ट्रीट निश्चित रही .
इसे पढ़कर अपनी तो आँखें ही खुल गई .
सौ सौ साल जियो हमारे पाबला जी . कई दिनों से ऐसा महसूस हो रहा था जैसे ब्लोगर्स में ब्लोगिंग के प्रति उदासीनता सी आ गई है . कई मित्रों की शिकायत आ रही थी की टिप्पणियां नहीं छप रही . मामला कुछ समझ नहीं आ रहा था . यह तो अंदेशा था की यह सब गूगल की करामात है लेकिन हल क्या है , यह समझ नहीं आ रहा था .
लेकिन वाह रे पाबला जी . लगता है जैसे उनके पास हर तकनीकि समस्या का हल है .सच पूछिए तो हम डॉक्टर्स के पास भी हर बीमारी का इलाज़ नहीं होता .
लिंक पर जाकर देखा --जैसा बताया गया था , वैसा किया --और यह क्या, पिछली ४-५ पोस्ट की ६५ टिप्पणियां स्पैम में पड़ी थी .
लेकिन वाह रे पाबला जी . लगता है जैसे उनके पास हर तकनीकि समस्या का हल है .सच पूछिए तो हम डॉक्टर्स के पास भी हर बीमारी का इलाज़ नहीं होता .
लिंक पर जाकर देखा --जैसा बताया गया था , वैसा किया --और यह क्या, पिछली ४-५ पोस्ट की ६५ टिप्पणियां स्पैम में पड़ी थी .
अब समझ आया क्यों टिप्पणीकार शिकायत कर रहे थे . लेकिन स्पैम हटाने से सारी टिप्पणियां प्रकाशित हो गई .
आशा करते हैं की एक बार स्पैम से हटाने के बाद दोबारा ऐसा नहीं होगा .
फ़िलहाल तो हम श्री पाबला जी का तहे दिल से शुक्रिया अदा करते हैं . पाबला जी , हमारी ओर से आपकी एक ट्रीट निश्चित रही .

