Thursday, April 21, 2011

रीयर व्यू मिरर में जिंदगी कितनी करीब दिखाई देती है ---

कार के रीयर व्यू मिरर में चीजें दूर दिखाई देती हैं


लेकिन जिंदगी के रीयर व्यू मिरर में झांकें तो बीती बातें कल की सी बात लगती हैं

२००० में नया मिलेनियम शुरू हुआ इन दस सालों में जाने कहाँ कहाँ से गुजर गए

२००० से २००२ तक न्यूक्लियर मेडिसिन में पोस्ट ग्रेजुएशन --२००५ में लाफ्टर चैलेन्ज से हास्य में दिलचस्पी का पुनुर्जन्म --२००७ में दिल्ली हंसोड़ दंगल विजय --२००८ में कविता में रुझान --२००९ में ब्लोगिंग का शुभारम्भ

इन सवा दो सालों में २०० पोस्ट लिख डाले , सभी व्यस्ताओं के बावजूद

विषय भी बहुत भिन्न भिन्न रहे :

) सामाजिक मुद्दे : ४७ पोस्ट

विषय --मोबाईल मेनिया , हंसने का महत्त्व , भिखारी , भ्रष्टाचार , दिल्ली का ट्रेफिक , शादियाँ और फिजूलखर्ची , संस्कृति , अंध विश्वास , खाद्य पदार्थों में मिलावट , होली , दिवाली , सगोत्रीय विवाह , अपनापन , धूम्रपान , आडम्बर , गीता का ज्ञान , पीपल की महिमा , भंडारा , पागल , रीति रिवाजें , आस्था , घरेलु हिंसा , एच आइ वी और शादी , प्रकृति , पर्यावरण , बचपन आदि

) कविता : ४३ पोस्ट

हास्य कवितायेँ , ग़ज़ल , नज्में , दोहे , मुक्तक --सभी पर प्रयोग


) दिल्ली दर्शन और सैर सपाटा ( फोटोग्राफी ) : ३० पोस्ट

कनाडा -टोरोंटो , क्यूबेक , एल्गोन्क़ुइन
दिल्ली - लोदी गार्डन , नेहरु पार्क , इण्डिया गेट , ट्रेड फेयर , रिज पार्क , पुराना किला , लाल किला , ज़ामा मस्जिद , कवि नीरज से मुलाकात , दिल्ली हाट , तालकटोरा पार्क , गार्डन ऑफ़ फाइव सेंसिज और राष्ट्र मंडल खेलों का दिल्ली पर प्रभाव

अंडमान निकोबार द्वीप समूह

गोवा की सैर


) हास्य -व्यंग लेख : ३० पोस्ट

) स्वास्थ्य संबंधी लेख : १९ लेख

मोटापा , ग्लोबल वार्मिंग , बाल शोषण , एपिलेप्सी , एड्स , ह्रदयघात , हिपेटाईटिस , सिंड्रोम एक्स , हाईपरटेनशन, कोबाल्ट ६० , रेबीज , गाउट , आर्थराईटिस , आर एस , हाइपोथायरायडिज्म , हाईपरथायरायडिज्म, ८० तक कैसे जियें और विश्व स्वास्थ्य दिवस की रिपोर्ट


) फिल्म समीक्षा और अभिनेत्रियाँ : ४ पोस्ट -- थ्री इडियट्स , मुग़ले आज़म, मीना कुमारी , माधुरी दीक्षित पर लेख ।

) लघु कथा :

) अन्य --विविधा : २६ पोस्ट


इस तरह राजनीति को छोड़कर लगभग सब विषयों पर लिखा , एक ऑल राउंडर की तरह

इस बीच ब्लोगर्स आते रहे और जाते रहे । आरम्भ की टिप्पणियों को देखें तो कई ब्लोगर बन्धु ब्लोगिंग से विदा ले चुके हैं । कईयों ने लिखना काफी कम कर दिया है । कुछ ही हैं जो टिके हुए हैं ।

हम भी सोच रहे हैं कि कोई माने माने , हम भी अब सीनियर ब्लोगर बन चुके हैं

इसलिए नए ब्लोगर्स के लिए जगह खाली करनी चाहिए ।
वैसे भी मनुष्य को हमेशा नए मुकाम की तलाश लगी रहती है । तभी तो विकास होता है ।

अब कुछ नया किया जाएशायद पुस्तक प्रकाशन ! या फिर मंच पर उपस्थिति बढ़ाना
जो भी हो , एक्स्ट्रा क्यूरिकुलर एक्टिविटी तो चलती रहनी चाहिएहालाँकि यदा कदा ब्लोग्स पर भी दिखाई देना होता रहेगा

शुभकामनायें

44 comments:

  1. जीवन सफर रोचक रहा आपका .पर ब्लोग्स से पलायन क्यों.यह तो अपने ही विचारों का घर है.आते रहिएगा.शुभकामनाये.

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  2. आदरणीय डॉ दराल जी
    नमस्कार !
    ....शानदार रिकॉर्ड बहुत बढ़िया जी
    एक ऑल राउंडर की तरह ....
    हमे आपके मार्गदर्शन की जरूरत है जी

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  3. लेखन कुछ कम भले कर दें मगर बहुत कम नहीं करियेगा ...आपको चाहने वाले कम नहीं हैं ....
    शुभकामनायें !!

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  4. सर आप इतना बढ़िया लिखते हैं जो पठनीय होता है ... अपेक्षा है आपसे भविष्य में बहुत कुछ सीखने और पढ़ने को मिलेगा..... कृपया यह सोच कतई न रखें और बनें रहें ...आभार ...

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  5. मैंने अपना ब्लॉग बनाने के बारे में कभी सोचा ही नहीं यद्यपि मैं ब्लॉग जगत से समाचार पत्र से जगी जिज्ञासा के कारण फरवरी '०५ से जुड़ गया था,,,और अंग्रेजी में टिप्पणीयां आरंभ कर दीं...मुझे प्रसन्नता हुई जब उस ब्लॉगर ने कहा कि उसके पोस्ट को उसके पश्चात पढने वालों की संख्या बढ़ गयी,,,

    हिंदी में टिप्पणी मैंने रविश कुमार के ब्लॉग से आरम्भ करी,,, और उनके ब्लॉग के माध्यम से आपके ब्लॉग, एवं अन्य कुछेक में भी आया और ज्ञानवर्धन का लाभ उठाया...
    जहाँ भी रहो, ब्लॉग लिखो न लिखो, आपको सुखद भविष्य की अनेकानेक शुभ कामनाएं!

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  6. आपका ब्लॉग सफ़र तो बहुत ही रोचक और कामयाब रहा
    जो भी नया करें...उसकी शुभकामनाएं...और वे सारे अनुभव ब्लॉग पर भी बाँटते रहिएगा....

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  7. kam likhen magar likhte rahe...yahi nivedan hai.

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  8. ब्लॉग के सुंदर सफर की बहुत बधाई. सचमुच आप ब्लॉग के आल राउंडर हैं. परन्तु मुझे लगता है. लेखन एक ऐसी चीज है जिसमे सबके लिए स्थान है चाहे वो सीनिअर हो या जूनीयर. गुरुजनों का अपना स्थान रहता ही रहता है. तो ब्लोगिंग अवश्य चालू रखें, हाँ! बाकी कुछ करने में कोई रोक नहीं. हैप्पी ब्लोगिंग. नमस्कार.

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  9. डाक्टर दराल जी, आपकी बात सही है लेकिन आपके कारण नए ब्लागरों को अवसर नहीं मिल रहा इस में सुधार करना पड़ेगा...ऐसा नहीं है. सब अपना अपना काम कर रहे हैं.

    रही पुस्तक प्रकाशन की तो अब आपको करवा ही लेनी चाहिए और मंचीय उपस्तिथि भी बढ़नी ही चाहिए.

    मैं आपको नए सत्र में बुलाने का प्रयास करता हूँ.

    साधुवाद.

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  10. ब्लॉग के सुंदर सफर की बहुत बधाई.ब्लोगिंग अवश्य चालू रखें, शुभकामनाएं.

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  11. अच्छे है आपके विचार, ओरो के ब्लॉग को follow करके या कमेन्ट देकर उनका होसला बढाए ....

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  12. भाई साहब रिपोर्ट कार्ड तो बहुत बढि्या है। हमें सीनियर्स की भी जरुरत है। इसलिए स्नेह बनाए रखें।

    आभार

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  13. आज कहीं पढ़ा कि यदि समय कम मिले तो क्या करना चाहिए । लिखना कम करें या पढना और टिप्पणी करना ?
    @सारा सच--शायद यही सही है कि --ओरो के ब्लॉग को follow करके या कमेन्ट देकर उनका होसला बढाए ....

    योगेन्द्र जी , बेशक सब अपना अपना काम कर रहे हैं । लेकिन नए ब्लोगर्स को प्रोत्साहन की ज़रुरत होती है । इसलिए उनके लिए तो समय निकालना ही चाहिए ।

    बाकी शौक भी पूरे करके देख लेते हैं अब ।

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  14. यही है सिंहावलोकन -सिंहों के नहीं लेहड़े हंसो की नहीं पात ..बधाईयाँ !

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  15. दस साल का लेखा-जोखा दे दिया- बधाई :)

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  16. सतरंगी जीवन-सा रंग-रंगीला.

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  17. अरे अरे डॉ. साहब ऐसा न कीजियेगा. आप ब्लोग्गिंग कम करेंगें तो हमार क्या होगा.आपके कृपा प्रसाद से ही तो जिन्दा हैं ब्लॉग जगत में.
    मैंने आज ही अपने ब्लॉग पर नई पोस्ट जारी की है और आज ही आप दिल तोड़नेवाली बातें कर रहें है.प्लीज़,ब्लोग्गिंग कम न कीजिये.कम से कम मेरे ब्लॉग पर तो दर्शन देते रहिएगा.मेहरबानी होगी.
    आपकी अनुपम उपलब्धियों को शत शत प्रणाम.

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  18. अब कुछ नया किया जाए । शायद पुस्तक प्रकाशन ! या फिर मंच पर उपस्थिति बढ़ाना ।
    जो भी हो , एक्स्ट्रा क्यूरिकुलर एक्टिविटी तो चलती रहनी चाहिए । हालाँकि यदा कदा ब्लोग्स पर भी दिखाई देना होता रहेगा ।

    कुछ नया करने के लिए शुभकामनायें ....पर नए के लिए पुराने को तो नहीं छोड़ा जाता ....ब्लोगिंग का सफर बहुत रोचक रहा है ..इसे निरंतर जारी रखिये ..हम तो यही चाहेंगे ...

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  19. बहुत सुंदर यात्रा जी, लेकिन यह क्या आप तो अटेची पकड कर पुछ रहे हे, कि जाऊ... अजी नही, नया जो चाहे करो लेकिन हमारा साथ नही छोड सकते.. इस लिये जाने की मत सोचे.

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  20. उन पोस्टों का क्या होगा जो आपकी टिप्पणियों से गुलजार रहती हैं -उनकी कसम है छोड़ के मत जाईये! :)

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  21. ये ठीक है की आजकल ब्लॉग लिखने में वो उत्साह नही रहा ,जो पहले था...लेकिन ये ब्लॉग ही है जिसने इतने लोगो से परिचय भी करवाया..इसलिए यदा कदा ही सही ,"फोलो" करने या "कोमेंट" करने ही सही....बस नाता बनाये रखियेगा!बाकि कुछ नया करते रहना चाहिए...उसके लिए शुभकामनायें....

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  22. नये ब्लागर्स के लिये सीट खाली करने की तो आवश्यकता ही नहीं है । रचनात्मकता के नये क्षेत्र अवश्य आपके साथ जुड जावें । शुभकामनाएँ...

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  23. राकेश जी , अरविन्द जी , पढना कम नहीं होगा , यह निश्चित है । आप जैसे लोगों को पढ़कर तो इस उम्र में भी ज्ञानवर्धन ही होता है ।

    संगीता जी , भाटिया जी , साथ छोड़कर कहीं नहीं जा रहे हैं । बस कुछ नया साथ पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं ।

    रजनीश जी , बेशक ब्लॉग के ज़रिये सैंकड़ों नए दोस्त मिले हैं । देश में भी , विदेश में भी । एक सशक्त माध्यम है , समान विचारों वाले लोगों को पास लाने का । लिखना कम करने से टिपियाने का समय ज्यादा मिलेगा ।

    हम तो दीवाली पर भी पटाखे नहीं चलाते , बालकनी में बैठकर दूसरों के छोड़े गए अनार और फूलझड़ियाँ देखकर अति प्रसन्नता महसूस करते हैं ।

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  24. डॉ. साहेब, अभी तो आपसे जुम्मा -जुम्मा ४ दिन हुए मिली थी --और आप साथ छोड़ने की बात कर रहे है --नया स्रजन अनिवार्य तो है पर 'ओल्ड इज गोल्ड' आपने भी सूना होगा-- अभी हम नए लोगो को आपका साथ चाहिए ...
    एक गीत आपके लिए :--

    "अभी न जाओ छोड़ कर
    के दिल अभी भरा नही .."

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  25. आपका ब्लॉग सफ़र तो बहुत ही रोचक और कामयाब रहा लेकिन उसके लिये जाना जरूरी नही जगह बनाइये मगर अपनी जगह छोडकर नही बल्कि दूसरे को जगह देकर्……………रचनात्मकता होती रहनी चाहिये …………हमे तो इन्तज़ार रहेगा।

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  26. डा. सा :को सीनियर ब्लागर ब न ने एवं पुस्तक लेखन हेतु हार्दिक शुभकामनाएं.एक बचे हुए राजनीतिक विषय पर आप छ: वर्षों बाद अपने विचार देंगें तब तक विविध विषयों पर हमें आपके लेख इसी प्रकार प्राप्त होते रहेंगें ऐसी हम सदाषा करते हैं.

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  27. .
    सीनियर ?
    अजी महा और मेगा का ज़माना है, कहिये महासीनियर !
    लिखना कम भले कर दें, पर अपने उत्कृष्ट आलेखों के माध्यम से हमारे बीच अवश्य उपस्थित रहें ।
    ब्लॉगिंग में 200 पोस्ट के बाद तो ज़वानी परवान चढ़ती है, अभी से रुसवाई की सोच क्योंकर आयी ?

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  28. .

    २०० आलेख पूरा करने की हार्दिक बधाई। आपके साथ ब्लौगिंग का सफ़र सुहाना रहा , ऐसे मुसाफिर कम ही मिलते हैं ।मंजिल आने तक पूरे सफ़र में मुसाफिर साथ-साथ हो तो यात्रा का आनंद द्विगुणित हो जाता है। चलते रहिये साथ-साथ ।

    बैक व्यू मिरर से जिंदगी पास-पास ही लगती है।

    .

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  29. दराल सर,
    इस हिसाब से तो मुझे 346 पोस्ट पहले ही ब्रेक लगा देने चाहिए थे...

    क्या डॉक्टर साहब, अभी तो न्यू मीडिया ने अंगड़ाई लेना शुरू किया है और आप ने ये फैसला कर लिया...किताब की परियोजना के लिए बहुत बहुत शुभकामनाएं...लेकिन हफ्ते में छुट्टी वाले दिन तो आपकी एक पोस्ट बनती ही है...

    वरना आप मुझे भी दूसरे ब्लॉगरों के साथ आपके घर के बाहर अन्ना हजारे की तरह अनशन पर बैठा हुआ देखेंगे...

    जय हिंद...

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  30. दर्शन जी , छोड़कर कहीं नहीं जा रहे हैं ।
    लेकिन जैसा कि डॉ अमर कुमार जी ने कहा कि महासीनियर बनने का इरादा है । स्वयंभू ।
    दिव्या जी , सफ़र तो जारी रहेगा , बस राह बदल सकती है ।
    खुशदीप , हमने शामियाने वाले को ऑर्डर दे दिया है ।

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  31. रिकार्ड से आप ऑल राउंडर है .. तो ब्‍लॉगिंग कैसे छोड सकते हैं ??

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  32. अति उत्तम ,अति सुन्दर और ज्ञान वर्धक है आपका ब्लाग
    बस कमी यही रह गई की आप का ब्लॉग पे मैं पहले क्यों नहीं आया अपने बहुत सार्धक पोस्ट की है इस के लिए अप्प धन्यवाद् के अधिकारी है
    और ह़ा आपसे अनुरोध है की कभी हमारे जेसे ब्लागेर को भी अपने मतों और अपने विचारो से अवगत करवाए और आप मेरे ब्लाग के लिए अपना कीमती वक़त निकले
    दिनेश पारीक
    http://kuchtumkahokuchmekahu.blogspot.com/

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  33. आपके ब्लाग पर आकर हमेशा अच्छा लगता है इसलिए इसे जारी रखे।

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  34. बहुत बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है इन १० वर्षों में दराल जी
    आपकी पोस्टें भी एक से बढ़ कर एक रहीं ....
    बहुत बहुत बधाई आपको इस सफलता की ....
    आपने तो ये पोस्ट भी यादगार बना ली ....
    इतनी मेहनत....?
    कौन सी किस विषय की पोस्ट ...तौबा .....
    कैसे कर लेते हैं इतना ....
    राजेन्द्र जी भी कुछ इसी तरह मेहनत करते हैं अपनी हर पोस्ट पर ....

    हाँ एक बात कहना चाहती थी ...
    स्वास्थ्य संबंधी जो लेख हैं उन्हें अपने ब्लॉग के साइड में क्रमवार लिख दें ताकि कभी जरुरत हो तो वहां जाने में आसानी हो ....

    हाँ ब्लॉग कम कर सकते हैं पर छोड़ने की मत सोचियेगा ....):

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  35. nahee jee......aap jaa kahee nahee rahe...... kabhee kabhee likhte rahiye......
    ye hee aagrah hai aapse.

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  36. बेहतरीन सफर
    सफर जारी रहे

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  37. संगीता पुरी said...
    रिकार्ड से आप ऑल राउंडर है ॥ तो ब्‍लॉगिंग कैसे छोड सकते हैं ??
    संगीता जी , यही तो मुश्किल है । छोड़े नहीं छूटती ।

    सुनीता जी , आप आती बहुत कम हैं ।

    हरकीरत जी , आपकी फ़र्माइश पर ज़रूर ध्यान दूंगा ।

    सरिता जी , राधारमण जी , वर्मा जी , बस थोड़ी गर्मी लग रही थी । मौसम ठीक हो जाए तो ठीक है ।

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  38. इतनी जल्दी कहाँ चले आप...
    ________________________
    'पाखी की दुनिया' में 'पाखी बनी क्लास-मानीटर' !!

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  39. 200 पोस्ट की आपकी उपल्ब्धि भी प्रशंसनीय है क्यों कि डाक्तर कितने व्यस्त होते हैं समझ सकते हैं और फिर हर विश्झःाय पर नज़र। आपको बहुत बहुत बधाई।

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  40. डॉ दराल ... नमस्कार ... Itna vistrat lekha jokha ... badhaai ho bahut bahut ... Achhee bat hai ki bloging se nahi jaa rahe ... han kitaab ki jaroor soch sakte hain ...

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