Wednesday, January 1, 2020
नव वर्ष की शुभकामनायें --
Tuesday, January 1, 2013
गुजरे वर्ष का लेखा जोखा और नव वर्ष की शुभकामनायें --
वर्ष 2012 की अंतिम पोस्ट में ब्लॉगिंग का कच्चा चिट्ठा पढ़कर आप अवश्य आनंदित हुए होंगे। एक अच्छी बात यह हुई कि इसी बहाने हमें भी कई अच्छे ब्लॉगर्स से परिचय का अवसर मिला और हमने उनको फोलो करना भी आरम्भ कर दिया। वर्ष 2013 की पहली पोस्ट में हमेशा की तरह गुजरे वर्ष का लेखा जोखा प्रस्तुत है :
पर देश को मुई महंगाई मार गई।
कसाब का आखिर हो गया हिसाब
कर रहा जो देश के करोड़ों ख़राब।
सांसों के दंगल में दामिनी हार गई
Sunday, January 3, 2010
गत वर्ष की शुभकामनायें ---देखिये कितनी काम आई ---
आज ही के दिन, एक साल पहले , ३ जनवरी २००९ को मैंने पहली पोस्ट लिखी थी। नव वर्ष की शुभकामनायें ---
इस एक साल में कितनी कामनाएं पूर्ण हुई, आइये देखते हैं --
नव वर्ष के लिए शुभकामनाये कामना करता हूँ कि इस नए साल में सबके जीवन में :
हँसी के फुव्वारे हों ,
खुशी के गुब्बारे हों ,
न सीमा का विवाद हो,
न मुंबई सा आतंकवाद हो !
और इस नए साल में मुक्ति मिले --
भूखों को भूख से ,
घूसखोरों को घूस से ,
किसानो को कर्ज से ,
मरीजों को मर्ज से ।
गरीबों को कुपोषण से ,
शरीफों को शोषण से !
कंजूसों को खर्चों से,
छात्रों को पर्चों से ।
बाबुओं को फाइलों से,
अस्पतालों को घायलों से।
चुनाओं को फर्जी वोटों से ,
देश को नकली नोटों से !
और इस नए साल में सबको मुहँ मांगी मुराद मिले :-
नेताओं को मत मिले,
पार्टियों को बहुमत मिले।
जनता को चावल दाल मिले,
और दो रूपये किलो हर माल मिले!
आतंकवाद से निपटने के लिए :-
पुलिस को ऐ के ४७ मिले,
बुल्लेत्प्रूफ़ जैकेट मिले।
जैकेट भी असली हो,
पर न कोई एनकाउंटर नकली हो !
मोहब्बत की दुनिया में :-
सैफ को मिले करीना ,
सलमान को कटरीना ।
अभिषेक की ऐश रहे,
अमिताभ के हाथ में कैश रहे!
पर इस नए साल में मिले न मिले --
सलमान को कमीज,
पाकिस्तान को तमीज।
प्यासों को शराब,
भूखों को कबाब !
और रहे न रहे--
चाँद संग फिजा बनी अनुराधा,
पुलिस में आई जी पांडा बन के राधा।
शाहरुख़ के सिक्स पैक एब्स,
और मैंगलोर के मयखानों में पैग्स।
ये सब रहे न रहे, पर सलामत रहे--
बच्चों की मुस्कान,
पंछियों की उड़ान।
फूलों के रंग,
अपनों का संग।
बड़ों का दुलार,
और भाई भाई का प्यार!
और सलामत रहे--
देश की आज़ादी,
वीरों के हौसले फौलादी,।
लोकतंत्र में अटल विश्वास,
और रामराज्य की आस!
और कामना करता हूँ कि --
इस वर्ष ये नया साल ,
करदे दिलों का वो हाल,
कि ढह जायें सब नफरत और मज़हब की दीवारें,
और सर्व धर्म मिल कर पुकारें ,
मुबारक हो नया साल,
सबको मुबारक हो नया साल!

