हमें भी शादी में ताऊ के दर्शन होने का बेसब्री से इंतज़ार था । लेकिन ताऊ सबको चकमा दे कर अदृश्य ही रहे ।
लेकिन वो कहते हैं न कि यदि सच्चे दिल से मांगो तो खुदा भी मिल जाता है ।
तो भई हमने भी दिल में ठान लिया कि ताऊ के दर्शन करके ही रहेंगे ।
बचपन में दादाजी से सीखा था कि यदि रात में सोते समय राम का नाम लेते हुए सोयें , तो सारी रात भगवान के भजन का पुण्य मिलता है ।
इसलिए कल रात हमने राम राम राम की जगह ताऊ ताऊ ताऊ -राम राम राम --का जाप करना शुरू कर दिया । और देखिये चमत्कार हो गया । ताऊ ने सपने में आकर विशेष रूप से हमें अपने विराट रूप का दर्शन कराया । ठीक वैसे ही , जैसे गीता में श्री कृष्ण ने अर्जुन को कराया था ।
लेकिन यह क्या , दर्शन कर हम तो धर्मसंकट में फंस गए । हमें अपने पिताजी द्वारा सुनाया एक किस्सा याद आ गया ।
पिता जी के एक मित्र थे , रिटार्यड ब्रिगेडियर । जब पहली बार पिताजी उनसे मिले तो बोले --ब्रिगेडियर साहब , हम तो समझ रहे थे कि एक लम्बे चौड़े , बड़ी बड़ी मूंछों वाले , रूआबदार व्यक्तित्त्व वाले फौजी से सामना होगा । लेकिन आप तो पतले दुबले सीधे सादे से इंसान निकले ।
स्वपन में ताऊ जी से मिलकर हमें भी कुछ ऐसा ही अनुभव हुआ । हम तो समझे थे कि धोती कुर्ता पहने , उस पर काले रंग की जैकेट पहने , एक कमज़ोर से वृद्ध से मुलाकात होगी जिनके न मूंह में दांत होंगे न पेट में आंत ।
ऊपर से बिना बात ठहाका लगते नज़र आयेंगे जैसे कि हरयाणवी लोग किया करते हैं ।
लेकिन सपने में हमने पाया एक शक्श जो कद में हमसे भी २-३ इंच लम्बा , उम्र में ३-४ साल बड़ा , ४-५ किलो ज्यादा वज़न वाला और ५-६ गुना ज्यादा हैंडसम नौज़वान निकला । और तो और दांत भी पूरे के पूरे सही सलामत । लेकिन बेहद गंभीर मुद्रा में । हमने कहा ताऊ एक हरयाणवी जोक ही सुना दो , वो भी नहीं ।
बस इतना ही कहा --हे भक्त , हम शादी में भी आए थे , फोटो भी खिंचवाए थे । लेकिन कोई हमें पहचान नहीं पाएगा ।
नोट : फोटो सतीश सक्सेना जी के ब्लॉग से , बिना अनुमति लिए , इस विश्वास के साथ कि उन्होंने ज़रूर समीर लाल जी से अनुमति लेकर ही छापी होगी ।
साथ ही नव विवाहित युग्ल के लिए ढेरों आशीर्वाद सहित ईश्वर से प्रार्थना कि ये जोड़ी सदा सुखी रहे और लाल परिवार सदा फले फूले ।



