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Thursday, January 13, 2011

जब ताऊ के दर्शन हुए --सपने में --

कल सतीश सक्सेना जी की पोस्ट पढ़कर हमारी भी ताऊ जी से मिलने की इच्छा प्रबल हो उठी । समीर लाल जी के सुपुत्र की शादी में जाने का सौभाग्य तो हमें भी मिला था । लेकिन जैसा कि सतीश जी ने लिखा कि ताऊ जी से मिलने को वंचित रह गए और राज़ राज़ ही रह गया कि आखिर ताऊ है कौन । और कैसे दिखते हैं ताऊ ?

हमें भी शादी में ताऊ के दर्शन होने का बेसब्री से इंतज़ार था । लेकिन ताऊ सबको चकमा दे कर अदृश्य ही रहे ।

लेकिन वो कहते हैं न कि यदि सच्चे दिल से मांगो तो खुदा भी मिल जाता है ।

तो भई हमने भी दिल में ठान लिया कि ताऊ के दर्शन करके ही रहेंगे ।

बचपन में दादाजी से सीखा था कि यदि रात में सोते समय राम का नाम लेते हुए सोयें , तो सारी रात भगवान के भजन का पुण्य मिलता है ।

इसलिए कल रात हमने राम राम राम की जगह ताऊ ताऊ ताऊ -राम राम राम --का जाप करना शुरू कर दिया । और देखिये चमत्कार हो गया । ताऊ ने सपने में आकर विशेष रूप से हमें अपने विराट रूप का दर्शन कराया । ठीक वैसे ही , जैसे गीता में श्री कृष्ण ने अर्जुन को कराया था ।


लेकिन यह क्या , दर्शन कर हम तो धर्मसंकट में फंस गए । हमें अपने पिताजी द्वारा सुनाया एक किस्सा याद आ गया ।

पिता जी के एक मित्र थे , रिटार्यड ब्रिगेडियर । जब पहली बार पिताजी उनसे मिले तो बोले --ब्रिगेडियर साहब , हम तो समझ रहे थे कि एक लम्बे चौड़े , बड़ी बड़ी मूंछों वाले , रूआबदार व्यक्तित्त्व वाले फौजी से सामना होगा । लेकिन आप तो पतले दुबले सीधे सादे से इंसान निकले ।


स्वपन में ताऊ जी से मिलकर हमें भी कुछ ऐसा ही अनुभव हुआ । हम तो समझे थे कि धोती कुर्ता पहने , उस पर काले रंग की जैकेट पहने , एक कमज़ोर से वृद्ध से मुलाकात होगी जिनके न मूंह में दांत होंगे न पेट में आंत

ऊपर से बिना बात ठहाका लगते नज़र आयेंगे जैसे कि हरयाणवी लोग किया करते हैं ।

लेकिन सपने में हमने पाया एक शक्श जो कद में हमसे भी २-३ इंच लम्बा , उम्र में ३-४ साल बड़ा , ४-५ किलो ज्यादा वज़न वाला और ५-६ गुना ज्यादा हैंडसम नौज़वान निकला । और तो और दांत भी पूरे के पूरे सही सलामत । लेकिन बेहद गंभीर मुद्रा में । हमने कहा ताऊ एक हरयाणवी जोक ही सुना दो , वो भी नहीं ।

बस इतना ही कहा --हे भक्त , हम शादी में भी आए थे , फोटो भी खिंचवाए थे । लेकिन कोई हमें पहचान नहीं पाएगा ।




नोट
: फोटो सतीश सक्सेना जी के ब्लॉग से , बिना अनुमति लिए , इस विश्वास के साथ कि उन्होंने ज़रूर समीर लाल जी से अनुमति लेकर ही छापी होगी ।
साथ ही नव विवाहित युग्ल के लिए ढेरों आशीर्वाद सहित ईश्वर से प्रार्थना कि ये जोड़ी सदा सुखी रहे और लाल परिवार सदा फले फूले ।

Friday, November 20, 2009

ज़रा हट के ---

पिछली कई पोस्ट में मैंने कई सीरियस मुद्दों और बीमारियों के बारे में लिखा। आगे आने वाली पोस्ट में ज़िक्र होगा, थायराइड की बीमारियों का। लेकिन वो कहते हैं न की --ऑल वर्क एंड नो प्ले, मेक्स जैक अ डल ब्वाय। तो हमने सोचा की इस बार ज़रा कुछ हट के हो जाए।
वैसे भी आजकल सभी बड़े बड़े ब्लोगर्स पहेलियाँ बूझने और बुझाने में लगे हैं। तो लीजिये एक हमारी तरफ़ से भी।

अब ज़रा इसे दिखिये ---


इस सुनहरे रंग की मूर्ती को देखिये। ये मूर्ती करीब सात फुट ऊंची है। और इसकी एक ख़ास बात ये है की, इसमे एक जगह बनी है, जहाँ सिक्के डालो तो इसका पोस्चर बदल जाता है। यानि ये स्वचालित है। हालाँकि बिजली के तार कहीं नज़र नही आते।

अब आपको बताना ये है की ये खूबसूरत मूर्ती किस नेता या अभिनेता की है और किस शहर में स्थापित है।
समीर लाल जी, कोशिश करेंगे ?