एक दिन एक महिला बोली ,
डॉक्टर साहब , मेहरबानी कीजिये ,
और कोई अच्छी सी दवा दीजिये !
मेरे पति रात मे बहुत बड़बड़ाते हैं !
लेकिन वो क्या बोलते हैं, हम समझ नहीं पाते हैं !
हमने दवा लिख कर कहा, यदि आप ये दवा सुबह शाम लेंगे,
तो आपके पति अवश्य ही नींद मे बड़बड़ाना बंद कर देंगे !
वो बोली नहीं डॉक्टर साहब , आप फीस भले ही दुगना कर दें ,
लेकिन दवा ऐसी दीजिये कि वो साफ साफ बोलना शुरू कर दें !
उनके बड़बड़ाने से हम बिल्कुल भी नहीं घबराते हैं ,
लेकिन पता तो चले कि वे नींद मे किस को बुलाते हैं !
हमने कहा बहन जी , हमारी दुआ उनके लिये है ,
लेकिन ये दवा उनके लिये नहीं, आपके लिये है !
हम आपके पति का हौसला बिना दवा के ही बुलंद कर देंगे ,
आप उन्हे दिन मे बोलने दें , वे रात मे बड़बड़ाना खुद ही बंद कर देंगे !

