Tuesday, January 13, 2015

ज्यादा बोलने की आदत तो हमे है नहीं ...


एक दिन एक महिला बोली ,

डॉक्टर साहब , मेहरबानी कीजिये ,
और कोई अच्छी सी दवा दीजिये ! 

मेरे पति रात मे बहुत बड़बड़ाते हैं ! 
लेकिन वो क्या बोलते हैं, हम समझ नहीं पाते हैं ! 

हमने दवा लिख कर कहा, यदि आप ये दवा सुबह शाम लेंगे, 
तो आपके पति अवश्य ही नींद मे बड़बड़ाना बंद कर देंगे ! 

वो बोली नहीं डॉक्टर साहब , आप फीस भले ही दुगना कर दें ,
लेकिन दवा ऐसी दीजिये कि वो साफ साफ बोलना शुरू कर दें !

उनके बड़बड़ाने से हम बिल्कुल भी नहीं घबराते हैं ,
लेकिन पता तो चले कि वे नींद मे किस को बुलाते हैं ! 

हमने कहा बहन जी , हमारी दुआ उनके लिये है , 
लेकिन ये दवा उनके लिये नहीं, आपके लिये है ! 

हम आपके पति का हौसला बिना दवा के ही बुलंद कर देंगे , 
आप उन्हे दिन मे बोलने दें , वे रात मे बड़बड़ाना खुद ही बंद कर देंगे ! 

10 comments:

  1. मजेदार....स्वस्थ हास्य लिये सुंदर अभिव्यक्ति।

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  2. सराहनीय पोस्ट
    सक्रांति की शुभकामनाएँ।

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    1. शुक्रिया जी . आपको भी शुभकामनाएं .

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  3. वाह जी वाह ... मस्त हास्य ... और वो भी आपके प्रोफेशन से जुड़ा हुआ ... क्या बात है ...
    मकर सक्रांति की शुभकामनायें ...

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  4. अरे वाह मस्त हास्य ...... मज़ा आया डाक्टर साहब

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