कलयुग यानि काला युग। काला धंधा , काला धन , काला अंतर्मन ।
यही तो है कलयुग का प्रभाव।
इस प्रभाव से कोई भी क्षेत्र नहीं बचा है। यहाँ तक कि चिकित्सा जगत पर भी इसका प्रभाव पड़ा है ।
तभी तो मानवीय और नैतिक मूल्यों का ह्रास होता जा रहा है ।
लेकिन फिर भी , अभी भी कुछ ऐसे लोग हैं , जो अपने कर्तव्य का निष्ठापूर्वक पालन करते हुए मानव हित में कार्यरत हैं।
इस वर्ष विश्व स्वास्थ्य दिवस पर दिल्ली सरकार ने ऐसे ही कर्मठ कर्मयोगी स्वास्थ्यकर्मियों को स्टेट अवार्ड(राजकीय पुरूस्कार ) से सम्मानित किया ।
मैं जब जूनियर डॉक्टर था तब हमारे सर्जरी के हैड , भूतपूर्व प्रधान मंत्री श्री चरण सिंह जी के दामाद , डॉ जे पी सिंह, जिनका मैं प्रिय छात्र रहा , कहा करते थे कि एक डॉक्टर में तीन क्वालितिज ( गुणों ) का होना अति आवश्यक है। और वो हैं :
१) अवेलेबिलिटी यानि उपलब्धता । आपको अपने रोगियों के लिए समय पर उपलब्ध रहना चाहिए ।
२) अफेबिलिती यानि म्रदुभाशिता । मरीजों के प्रति आपका व्यवहार अच्छा होना चाहिए ।
३) एबिलिटी यानि क़ाबलियत ।
अब अहम् बात यह है कि सबसे आवश्यक है उपलब्धता , फिर आपका व्यवहार । इन दो गुणों से ही आप मरीज़ का भरोसा जीत लेते हैं । इसी से इलाज़ में आसानी रहती है।
लेकिन मेरा मानना है कि ये तीन गुण सिर्फ डॉक्टरों में ही नहीं , बल्कि सभी क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों में भी होने चाहिए ।
और इन्ही गुणों को मुद्दे नज़र रखते हुए दिल्ली सरकार ने दिल्ली के डॉक्टरों , नर्सों और अन्य पैरामेडिकल कर्मचारियों को सम्मानित किया । आइये हमारे अस्पताल के जिन लोगों को सम्मान मिला , उनसे आपका परिचय कराते हैं।

डॉ श्रीधर द्विवेदी
डॉ द्विवेदी , मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष हैं । साथ ही प्रिवेंटिव कार्डियोलोजी क्लिनिक और ए आर टी क्लिनिक केभी इंचार्ज हैं। इसके अलावा धूम्रपान विरोधी , नशा उन्मूलन और अडोलेसेंत कार्डियोलोजी जैसे विषयों पर भी कामकर रहे हैं। डॉ द्विवेदी जी जन जागरूकता व्याखान ( पब्लिक अवेयरनेस लेक्चर ) का भी आयोजन हर माह करते हैं, जिनमे क्षेत्र के आम लोगों को सरल भाषा में स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी प्रदान की जाती है।
डॉ द्विवेदी एक अच्छे कवि भी हैं। आपकी लिखी कविता आपने भी पढ़ी होगी , इस ब्लॉग पर।
एक सात्विक जीवन के धनी , डॉ द्विवेदी अत्यंत म्रदुभाशी और खुशदिल इंसान हैं। मरीजों के प्रति उनका समर्पण अत्यंत सराहनीय है। एक बार उनसे मिलकर देखें , आप भी प्रभावित हुए बिना नहीं रहेंगे ।

डॉ एस वी मधु :
डी ऍम एन्दोक्राइनोलोजि यानि सुपर स्पेशलिस्ट । आप अस्पताल के डायबिटीज के अकेले सुपर स्पेशलिस्ट हैं।और अब अस्पताल में एक अत्याधुनिक डायबिटीज सेंटर खोलने के लिए सफल प्रयास में जुटे हैं।
डॉ मधु यहाँ सबसे चहेते डॉक्टरों में से एक हैं। हों भी क्यों नहीं , उनमे ऊपर बताई गई तीनों क्वालितिज कूट कूटकर भरी हुई हैं। इसीलिए अस्पताल के किसी भी कर्मचारी को स्वास्थ्य सम्बन्धी परामर्श या सेवा की ज़रुरत होतीहै तो सब उन्ही के पास जाते हैं । डॉ मधु एक सीधे सादे और सरल जीवन में विश्वास रखते हैं और अपने काम के प्रति समर्पित हैं।

श्री भारत भूषण :
मेडिकल सोश्यल वर्कर । सही मायने में उन्हें एक समाज सेवक कहना चाहिए । सरकारी नौकरी में रहते हुए भी अपने काम को अपना फ़र्ज़ ही नहीं उत्तरदायित्व समझते हैं। इसीलिए आउट ऑफ़ वे जाकर भी मरीजों की सेवा में लीन रहते हैं। एक अच्छे भाषाविद , लेखक और संयोजक के रूप में अस्पताल में सभी सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों में अग्रणी रहते हैं। हैल्थ एजुकेशन में डिप्लोमा लेकर जन जागरूकता के कार्यों में हमेशा सक्रिय भाग लेते हैं।
सम्मान पुरुस्कार वितरण समारोह में उपस्थित थे --दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती शीला दीक्षित जी , स्वास्थ्य मंत्री डॉ किरण वालिया जी , प्रिंसिपल सेक्रेटरी श्री जे पी सिंह जी , डीन डॉ ए के अगरवाल , और डाइरेक्टर डी एच एस डॉ भट्टाचार्जी।

इसे इत्तेफाक कहें या कुछ और , लेकिन पिछली बार २००८ में हुए सम्मान समारोह में स्टेट अवार्ड हमें भी मिला था ।सम्मान पुरुस्कार वितरण समारोह में उपस्थित थे --दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती शीला दीक्षित जी , स्वास्थ्य मंत्री डॉ किरण वालिया जी , प्रिंसिपल सेक्रेटरी श्री जे पी सिंह जी , डीन डॉ ए के अगरवाल , और डाइरेक्टर डी एच एस डॉ भट्टाचार्जी।

अब अपने बारे में क्या कहें , जो भी हैं , जैसे भी हैं , एज इज वेयर इज कंडीशन में आपके सामने हैं।

