Sunday, January 25, 2015

निकलो ना यूं अयां होकर : एक प्रेम ग़ज़ल ---

बसंत पंचमी पर होली का डंडा गड़ जाता है ! यानि मस्ती भरे एक खुशहाल दौर की शुरुआत हो जाती है ! घर बाहर खेत खलियान , सभी जगह रंग बसंती छाने लगता है ! ऐसे मे प्रस्तुत है , एक प्रेम / शृंगार ग़ज़ल : 


निकलो ना यूं अयां होकर , के दुनिया बड़ी खराब है ,
रखना इसे संभाल कर , ये हुस्न लाज़वाब है ! 

नयनों की गहराई मे , राही ना डूब जाये कहीं ,
आँखें ये तेरी झील सी , मचलती हुई चेनाब हैं ! 

होठों की सुर्ख़ लालिमा ,  यूं लुभा रही है हमे ,
मयकश को मयख़ाने मे, ज्यों बुला रही शराब है ! 

गालों के बसंती रंग पे , शरमाये खुद शृंगार भी,
ठंड की सुहानी धूप मे , ये खिलते हुए गुलाब हैं ! 

चर्चे तुम्हारे हुस्‍न के , होने लगे हैं गली गली , 
कैसे संभाले दिल कोई , ये ज़लवा बेहिसाब है ! 

तारीफ़ तुम्हारे रूप की , करे क्या "तारीफ" , 
तू जागती आँखों का , इक हसीन ख्वाब है ! 

12 comments:

  1. तारीफ़ तुम्हारे रूप की , करे क्या "तारीफ" ,
    तू जागती आँखों का , इक हसीन ख्वाब है ..
    तारीफ़ के इस उलट फेर की क्या तारीफ़ करें ... बहुत ही मस्त लाजवाब शेर डाक्टर साहब ....

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    1. शुक्रिया नासवा जी !

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  2. सार्थक प्रस्तुति।
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल सोमवार (26-01-2015) को "गणतन्त्र पर्व" (चर्चा-1870) पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    गणतन्त्रदिवस की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ...
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  3. बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति,गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाये।

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  4. बहुत सुन्दर प्रस्तुति.....
    गणतन्त्र दिवस की शुभकामनाएँ।

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  5. बहुत सुन्दर प्रस्तुति.....
    गणतन्त्र दिवस की शुभकामनाएँ।

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  6. चर्चे तुम्हारे हुस्‍न के , होने लगे हैं गली गली ,
    कैसे संभाले दिल कोई , ये ज़लवा बेहिसाब है !
    अभी तो हुश्न के ही शुरू हुए हैं जब इश्क के शुरू होंगे तब क्या होगा ? बहुत सुन्दर भावाभिव्यक्ति

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    1. चर्चे तो हुस्न के ही होते हैं ज़नाब ! :)

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  7. तारीफ़ तुम्हारे रूप की , करे क्या "तारीफ" ,
    तू जागती आँखों का , इक हसीन ख्वाब है ..
    .................. लाजवाब शेर

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  8. वाह ताऊजीजीजीजीजीजीजीजी असली रंग तो यहां बिखेरा हुआ है आपने

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