Friday, July 5, 2013

किस किस ने की इन्सान की ऐसी की तैसी ---


घर में ऐ सी, दफ्तर ऐ सी,
गाड़ी भी ऐ सी।
इस ऐसी ने कर दी,
सेहत की ऐसी की तैसी।

नेता भ्रष्ट, अफसर भ्रष्ट ,
इससे बाबू भी ग्रस्त।
इस भ्रष्टाचार ने कर दी,
संसार की ऐसी की तैसी।

चाय का पैसा, पानी का पैसा ,
चाय पानी का पैसा।
इस पैसे ने कर दी ,
इमान की ऐसी की तैसी।

दवा का खर्च , दारू का खर्च
दवा दारू का खर्च।
इस खर्च ने कर दी ,
इन्सान की ऐसी की तैसी।


पैदल से परहेज़, कारों का क्रेज़ ,
आफ़त है रोड रेज़ ।
इस आफ़त ने कर दी ,
शराफ़त की ऐसी की तैसी ।  


यार मतलब के, मतलब की यारी ,
बिन मतलब रिश्ते भारी।
इस मतलब ने कर दी ,
आपसी रिश्तों की ऐसी की तैसी।      

जान नहीं, नहीं पहचान,
बस हो जान पहचान।
इस समाधान ने कर दी ,
इम्तिहान की ऐसी की तैसी।     

वधु बिन शादी, शादी बिन प्यार,
बिन शादी लिव इन यार।
इस व्यवहार ने कर दी ,
संस्कार की ऐसी की तैसी।

दुष्ट इन्सान, रुष्ट भगवान ,
बलिष्ठ हुआ तूफ़ान।
इस तूफ़ान ने कर दी ,
सुन्दर जहान की ऐसी की तैसी।          


33 comments:

  1. ये तो सच में आपने ऐसी तैसी की ऐसी तैसी कर दी, बिल्कुल खरी खरी और सौ प्रतिशत सत्य. सलाम डाक्टर साहब.

    रामराम.

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  2. दुष्ट इन्सान, रुष्ट भगवान ,
    बलिष्ठ हुआ तूफ़ान।
    इस तूफ़ान ने कर दी ,
    सुन्दर जहान की ऐसी की तैसी।

    सच में सब कुछ इसी ऐसी तैसी के हवाले हो गया.

    रामराम.

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  3. इस 'ऐसी-तैसी' का कारण है जानते बूझते अंजान बनना।

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  4. हा-हा ... बहुत बढ़िया डा० साहब ! वैसे तो इस ऐसी तैसी के मुजरिम पूरे ही देश वासी है।

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  5. bhai saheb ...........gazab kar diya .........

    mehfil loot leeeeeeeeeeeeeeeee

    vaise ye loot-paat achhi baat nahin ..ha ha ha

    jai hind !

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    1. लेकिन इस लूट में भी हमने तो कुछ दिया ही है ! :)

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  6. मौसम , मिजाज़ , इंसान ...सबने की थोड़ी -थोड़ी सबकी ऐसी तैसी !!

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  7. सर, दुनि‍या मुश्‍कि‍ल जगह ज़रूर है पर इतनी बुरी भी नही है :-)

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  8. वाह -कवि ने बिलकुल सही खाका खींचा है !

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  9. Dekh tere sansar ki aisi ki taisi ho gayi Bhagwan,

    Kitna badal gaya Insaan...

    JAI HIND...

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  10. वाकई ऐसी की तैसी हो गई है दुनिया जहां की। बहूत बढ़िया।

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  11. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार (06-07-2013) को <a href="http://charchamanch.blogspot.in/ चर्चा मंच <a href=" पर भी होगी!
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  12. जबरदस्त..हकीकत में जिस किसी भी चीज पर हम इठलाते हैं वही हमारी ऐसी की तैसी कर देता है।
    सुंदर प्रस्तुति।।।

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  13. इस व्यवहार ने कर दी ,
    संस्कार की ऐसी की तैसी।

    वाकई भाई , शायद हम लोग इसी लायक हैं !!

    शुभकामनायें आपको !

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  14. इतनी सारी ऐसी तेसी के बीच हम अपनी ऐसी तेसी करा रहे थे...औऱ ध्यान भी नहीं था...हद हो गई...

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  15. जो कसर बाकी थी वो इस पोस्ट ने कर दी।

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  16. सच है सारी ही ऐसी की तैसी हो रही है।

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  17. बहुत ही सुंदर, गहन भाव से भरपूर रचना...
    सच में! ऐसी वैसे कर के...ऐसी की तैसी ही हो गयी दुनिया में..
    ~सादर!!!

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  18. दुष्ट इन्सान, रुष्ट भगवान ----क्या बात है ....

    हमने खुद अपनी करी,ऐसी तैसी यार,
    इंसानों ने ही किया इंसा को वेजार |

    खुद तू ही वैसा करे,और नसीहत देय ,
    खुद के अंतर झाँक के, देख नहीं क्यों लेय|

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  19. सचमुच हमने ऐसी की तैसी कर दी है . .. आपकी इस रचना के लिंक की प्रविष्टी सोमवार (08.07.2013) को ब्लॉग प्रसारण पर की जाएगी. कृपया पधारें .

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  20. आपने सब सच-सच कह कर ....
    सच की कर दी ,,सच-मुच..??????-))

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  21. सब धो डाला, कुछ न छोड़ा,
    घूम रहे हैं साहब नंगे।

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  22. कैसी कैसी अरे ऐसी की तैसी.
    ये तो जोरदार रही वैसी की वैसी.

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  23. सबने मिलकर ही कर दी है...
    सुन्दर जहान की ऐसी की तैसी।

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  24. sir aapne to sab ki aisee taisee kar dee, manabhaawan rachanaa

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  25. सटीक बात कहती बढ़िया रचना बहुत खूब...

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  26. ऐसी की तैसी में .....कटाक्ष में बड़े ही सटीक शब्दों में बहुत कुछ लिख दिया है आपने

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