Thursday, September 6, 2012

टेढ़े मेढ़े रास्ते और मंजिल अभी दूर -- एक नए सफ़र पर .


अपनी पिछली पोस्ट पर श्री अरविन्द मिश्र जी ने ब्लॉगिंग से ब्रह्मचर्य रखने की बात कही थी . इस पर हमने टिपियाया -- लगता है आप और हम -- हम उम्र हैं . अब मिश्र जी कुछ समझे या नहीं , नहीं जानते लेकिन तात्पर्य यही था -- अब हमारा भी ब्लॉग ब्रह्मचर्य पालन करने का वक्त आ गया है .

एक दिन एक कोर्ट में एक डॉक्टर की हैसियत से बयान देते हुए डिफेन्स के वकील ने क्रॉस एक्सामिनेशन करते हुए अचानक सवाल किया -- डॉक्टर साहब , सुना है आप कवि भी हैं . हमने कहा -- वकील साहब , एक मुद्दत के बाद आप पहले इन्सान मिले हैं जिन्होंने हमें कवि भी कहा . वर्ना आजकल तो लोग कवि ही कहने लगे हैं , ये तो भूल से गए हैं की हम डॉक्टर भी हैं . जब से कवियों की संगति में रहने लगे हैं , तब से एक विसंगति उत्पन्न हो गई है -- हमारे डॉक्टर मित्र तो हमें कवि समझने लगे हैं , कवि मित्र हमें डॉक्टर समझते हैं , लेकिन हमारे अस्पताल के जो मरीज़ हैं , वे हमें ना डॉक्टर समझते हैं , न कवि . वैसे भी हमने देखा है -- एक सरकारी डॉक्टर को मरीज़ डॉक्टर समझते ही नहीं . अब देखिये एक दिन ओ पी डी में बैठ एक महिला को चेक किया और दवा लिख कर हमने कहा -- आप दवा खरीद लेंगी ? महिला बोली -- जी दवा खरीदनी होती तो आप के पास क्यों आते ! डॉक्टर के पास न जाते !

पिछले कुछ वर्षों से प्रशानिक कार्य करते हुए पब्लिक से बहुत रूबरू होना पड़ा . इस चक्कर में पब्लिक स्पीकिंग करना सीख गए -- मंच पर आने लगे -- कविता करने लगे -- आखिर एक दिन दिल्ली के लाफ्टर चेम्पियन का ख़िताब ही जीत लिया . फिर ब्लॉगिंग शुरू हो गई . लेकिन अब लगता है -- सब छूट जायेगा . सरकार ने हमारे सर पर ताज रखने का विचार बना लिया है . दिल्ली के एक बड़े नवनिर्मित सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की देख रेख हमें सौंप दी है . अब दिन रात मेहनत कर हमें इसे चलाना है . अब कांटे चुभें या कीलें , हमने भी ताज सर पर रखना स्वीकार कर ही लिया है .

ज़ाहिर है , इसलिए अब ब्लॉगिंग के लिए समय शायद ही मिल सके . लेकिन अभी दुबई की सैर करवानी बाकि है , जो हम अवश्य कराएँगे .

61 comments:

  1. अरे वाह मुबारक हो...आप की इस बात से कि अब कांटे चुभें या कीलें हमने भी ताज सर पर रखना स्वीकार कर ही लिया है। आज एक गीत याद आ गया "अब चाहे माँ रूठे या बाब यार मैंने तो हाँ करली अब चाहे कांटे मिले कलियाँ यारा मैंने तो हाँ करली,हाँ करली तो करली....:-)

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  2. हमने तो अमल करना शुरु कर दिया है.....।

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  3. मुबारक हो ताज.......

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  4. taz to aakhir taz hai..hamari shubhkamnaye aap jald hi ise phoolon ke taz me badal denge..

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  5. बधाई भाई जी ...
    हस्पताल का नाम भी बता दो ...
    शुभकामनायें नयी जिम्मेवारी के लिए !

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    1. सतीश जी , अपने आस पास देखिये तो .

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  6. Congratulations first,but let this 'blogging brahmcharya,be of short duration!

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  7. दुबई की सैर के बाद उस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की भी सैर करवाइयेगा जिसकी देख रेख आपके भरोसे सौंप दी गयी है !

    ताज के लिए आप को बधाई पर ब्लागरों की सैर वहां वर्चुअल ही रहे तो बेहतर :)

    उम्मीद है कि आप इस तरह से ब्लागिंग गृहस्थ बने रहिएगा !

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    1. और हां अरविन्द जी के हमउम्र होने का मतलब ये तो नहीं कि वे जो जो करते रहें आप भी वैसे ही... :)

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    2. यह तो महज़ इत्तेफाक है ज़नाब ! :)
      सैर करने के और बहुत सी जगहें हैं , बस थोडा सा इंतजार कीजिये .

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  8. शुभकामनायें नयी जिम्मेवारी के लिए !

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  9. डॉ साहब 'ताज' मुबारक हो।

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  10. सब कम करियेगा साथ वह भी बीच राह ये बुरी बात है . प्रशासनिक व्यस्तता अपनी जगह लेकिन लेखन का आनंद कुछ और है . आपके पोस्ट का सदा इंतजार रहता है सो आप सदा बने ही रहिएगा .
    शुभकामनायें नयी जिम्मेवारी के लिए !

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    1. ब्लॉगर कहें , पोस्ट लगाओ
      सरकार कहे , अस्पताल चलाओ .
      घर में भी है एक सरकार, जो कहे
      जाओ , सब्जियां खरीद कर लाओ .

      अब सोचते हैं , सोम से शनि दोपहर
      चलायें अस्पताल .
      शनि की शाम सुनें , और सुलझाएं
      पत्नी के सवाल .

      रवि की सुबह लेकर बैठें कंप्यूटर
      कुछ अपनी कहें , कुछ औरों को दें उत्तर .

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  11. अरे वाह... यह तो बहुत बड़ी खुशखबरी है.... बहुत-बहुत बधाई!

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  12. are waah ye to bahut sundar khabar hai balkon ke liye......gahe/bagahe naye anubhav bhi bant-te rahenge.....


    pranam.

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  13. डॉक्टर साहब, बहुत बहुत शुभकामनायें...

    साथ ही दुआ कि एक दिन आपको एम्स की भी ज़िम्मेदारी मिले और आप वहां के निदेशक बनें....

    जय हिंद...

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    1. आपकी दुआओं की कद्र करता हूँ .
      जिंदगी में अनेक इम्तिहान पास किये हैं .
      लेकिन यह सबसे बड़ा है .

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  14. नाम छिपाने से स्पष्ट है कि ब्लॉगरों को न तो अपॉइंटमेंट में छूट मिलेगी,न पेमेंट में!

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  15. अगर एक कविह़दय व्‍यक्‍ति सुपरस्‍पैशियैलि‍टी अस्‍पताल का प्रमुख होगा तो मुझे वि‍श्‍वास है कि वहां सुविधाओं की कभी कमी नहीं होगी. मेरी शुभकामनाएं.

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    1. सुविधाओं का तो कह नहीं सकते , लेकिन हमारा सारा स्टाफ अभी भी बहुत खुश रहता है .

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  16. डॉ साहब 'ताज' मुबारक हो।

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  17. CMHO बना दिए गएँ हैं डॉक्टर साहब....????
    बधाई बधाई....
    फिर भी थोड़ा वक्त ब्लॉग्गिंग के लिए निकाल ही सकते हैं.....आपके भीतर का कवि कुलबुलायेगा नहीं क्या???
    best wishes...and pls stay in touch.
    regards

    anu

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    1. जी सही कहा . कवि मन कोई अवसर नहीं छोड़ता .
      CMHO ? :)

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  18. Congratulations and wishing you all the success in your new assignment, Dr. sahib !काबिल इन्सान की अहमियत और जरुरत हर जगह होती है, किन्तु जैसा कि शायद एक वक्त आपने ही कहा था कि ब्लॉग्गिंग यानि लेखन कार्य हम खुद के लिए करते है किसी और के लिए नहीं, इसलिए कभीकभार फुर्सत के पलों में मन के उदगारों को अभिव्यक्ति देने के इस माध्यम को भी इस्तेमाल करते रहिएगा !

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    1. गोदियाल जी , यह वह नशा है जो -- संतुष्टि प्रदान करता है . इसलिए छोड़ने का तो सवाल ही नहीं उठता .

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  19. मुझ गरीब के पेट मे काहे लात मारते हो डाक्टर साहब ... आप लोगो की पोस्टों के कारण ही तो दुकान चल रही है अपनी ... अरे हुज़ूर रोज़ न सही ... 15 दिन मे एक पोस्ट लगा दिया कीजिएगा ... लिखना बंद न कीजिएगा ... आपसे अनुरोध है !


    मुझ से मत जलो - ब्लॉग बुलेटिन ब्लॉग जगत मे क्या चल रहा है उस को ब्लॉग जगत की पोस्टों के माध्यम से ही आप तक हम पहुँचते है ... आज आपकी यह पोस्ट भी इस प्रयास मे हमारा साथ दे रही है ... आपको सादर आभार !

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    1. बाकी नई पोस्टिंग पर बहुत बहुत हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनाएं स्वीकार करें !

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    2. १५ दिन ! इतने दिन कैसे रुका जायेगा भाई ! :)

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  20. नयी जिम्मेवारी के लिए बधाइयाँ और शुभकामनाएं स्वीकार करें!

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    1. शुक्रिया .
      प्रथम आगमन पर आपका स्वागत है .

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  21. बधाई दराल साहब ब्लॉग्गिंग को आपका डाक्टर तत्वा मिलते रहना चाहिएहैं

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  22. पदोन्नति पर बहुत बहुत बधाई डॉक्टर तारीफ जी! हमें पूर्ण विश्वास है कि आपके नेतृत्व में अस्पताल उन्नति करेगा! उसके लिए अनेकानेक शुभ कामनाएं!

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  23. धन्यवाद जे सी जी .
    बिलकुल नई चुनौती है .

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  24. बहुत अच्छी प्रस्तुति!
    इस प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार (08-09-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!
    सूचनार्थ!

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  25. hospital kaa naam daetae
    sab ko jarurat rehti hii haen
    aap wahaan honagae to kam sae kam blog mitro ko bharosa hogaa ki ab apna koi haen

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  26. Congratulations Congratulations Congratulations Congratulations Congratulations Congratulations Congratulations Congratulations Congratulations

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  27. वाह ताज! बधाई हो डॉक्टर साहब.
    घुघूतीबासूती

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  28. कवि में डाक्टर बसता है डाक्टर में कवि ये तो बाई वन गेट वन फ्री हो गया आपके मरीजों और श्रोताओं को तो दोगुनी ख़ुशी मिलती होगी

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  29. बहुत सुन्दर पोस्ट,काबिले तारीफ ।
    मेरे नए पोस्ट - "क्या आप इंटरनेट पर मशहूर होना चाहते है?" को अवश्य पढ़े ।धन्यवाद ।
    मेरा ब्लॉग पता है - harshprachar.blogspot.com

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  30. दराल सर अपने के लिए कवि डाक्टर ही बेहतर हैं...। कम से कम जबरदस्ती का गंभीर चेहरा बनाकर तो नहीं रखते.। अब उस अस्पताल का कायाकल्प जितना आप कर सकेंगे उतना तो कर ही देंगे। जहां तक सरकार की बात है वो तो बस औपचारिकता पूरी करती है। आपके जीटीबी अस्पताल में काफी पहले मेडिसन विभाग के प्रमुख हुआ करते थे डाक्टर एम पी श्रीवास्तव जी....पिताजी के दोस्त थे। काफी भले डाक्टर..रहते तो गंभीर से भी थे पर स्वभाव था उनका। उनके बाद अनेको डाक्टरों से मिला मगर ज्यादातर जबरदस्ती का मुखौटा पहने हुए.. या पैसों के पीछे भागते। आपसे परिचय हुआ ब्लॉग से....इतना भी पता है कि आप से ब्लॉग छुटेगा नहीं ..चाहे आप कुछ कर लीजिए..उल्टा हो सकता है नई तरह की कविता औऱ व्ंयग्य आपसे सुनने को मिले..आखरी आप अप सुपर स्पेशल होने जो जा रहे हैं।

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    1. सही कह रहे हैं रोहित जी .
      अब देखते हैं , हम कितनी अन्नागिरी चला पाएंगे .
      एक कवि मन फ़ौरन हास्य व्यंग का विषय देख लेता है लेकिन फिर कुछ सोच कर छोड़ देना पड़ता है .

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  31. बधाई हो दराल साहब! कहने की ज़रूरत नहीं कि सही ज़िम्मेदारी एक ज़िम्मेदार डॉक्टर के कन्धों पर आई है। आपके बहुत से मरीज़ तो कविता सुनकर चंगे हो जाते होंगे लेकिन उनसे भी कहीं अधिक तो एक भले डॉक्टर की मुस्कान से ही बेहतर महसूसने लगते होंगे। आपको और नये अस्पताल को हार्दिक शुभकामनायें!

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    1. अनुराग जी , हमारे एक प्रोफ़ेसर कहा करते थे -- एक डॉक्टर में तीन गुण होने चाहिए, और इसी क्रम में :
      १.अवेलेबिलिटी
      २.अफेबिलिटी
      ३.एबिलिटी

      हमने तो यह बात तभी गांठ बांध ली थी और अब दूसरों को भी बताते हैं .

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  32. खैराती से निकल पञ्च तारा में जा रहे हो ,खूब नाम कमा रहे हो
    और तो और सिर्फ कवि कहला रहे हो .....बढ़िया डॉ .कविराल(कवि +डॉ .दाराल )
    शुक्रवार, 7 सितम्बर 2012
    शब्दार्थ ,व्याप्ति और विस्तार :काइरोप्रेक्टिक
    शुक्रवार, 7 सितम्बर 2012
    शब्दार्थ ,व्याप्ति और विस्तार :काइरोप्रेक्टि

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  33. sir nayi jmmedaaree mubaarak ho , lekin jo blog-ras kaa majaa le chukaa ho wo bloging chhodega nahee.

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  34. यह ताज फूलों का सिद्ध हो आपके लिए..
    बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाये...
    :-)

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  35. काम में ही कवि के स्वरूप को ढूढ़ लें, काम और कविता दोनों ही धन्य हो जायेगी।

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  36. ये तो बुत ही अच्छी बात है ... आपके सर पे ताज कुछ सोच समझ कर ही रखा होगा ... कवि तो आप हैं ही और रहेंगे हमेशा ही ... अब नए मुकाम पे जा रहे हैं नई ऊँचाइयों को छुवें ... बहुत बहुत शुभकामनायें ....

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  37. डॉ .साहब हम सभी ब्लोगियों के लिए बेहद हर्ष का विषय है आपकी तरक्की .आप इस के हकदार हैं ,बड़ा आपका यहाँ पर किरदार है .
    ram ram bhai
    रविवार, 9 सितम्बर 2012
    Red wine, minus the alcohol, may lower blood pressure

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  38. आप दोनों ही रूप में सजते हैं ...और उस से भी ज्यादा आप एक सच्चे इंसान हैं :)))

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  39. नए उत्तरदायित्व की बहुत बधाई एवं शुभकामनायें !

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  40. ताज हमें दिखाइएगा कैसा है .....

    एक ताज तो ज़िन्दगी में देख न सके ये तो देख ही सकते हैं .....:))

    बहुत बहुत बधाई .....!!

    पोस्ट कम डाले पर ब्लॉग न छोडें .....

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    1. जी , ब्लॉग तो छोड़ना नहीं चाहते . लेकिन कभी कभी परिस्थितियां विवश कर देती हैं , जैसे अभी .
      लेकिन जल्दी ही लौटूंगा एक नई पोस्ट के साथ .
      आप सभी की बधाई और शुभकामनाओं के लिए आभारी हूँ .

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  41. बहुत बधाई सर जी। देर से पढ़ पाने का अफसोस मगर देर से ही सही मेरी बधाई भी कुबूल कीजिए। ब्ल़ॉगिंग के संबंध में तो यही गज़ल कहूँगा...

    मजा लेना है पीने का तो कम-कम, धीरे-धीरे पी
    रहेगा उम्र भर ये मौसम, कम-कम, धीरे-धीरे पी।

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