क्या कभी आपका किसी सरकारी बाबू से पाला पड़ा है ? यदि नहीं तो आप बड़े भाग्यशाली हैं ।
प्रस्तुत है एक मुलाकात , एक सरकारी बाबू से । वैसे तो यह यह एक हास्य व्यंग लेख होता , लेकिन आदत से मज़बूर होकर तुकबंदी कर पेश कर रहा हूँ , एक कविता के रूप में । १)
एक व्यक्ति आर टी आई का फार्म लेने ऑफिस पहुंचा
गेट पर खड़े सिक्युरिटी गार्ड से उसने पूछा ।
भैया यहाँ आर टी आई का फार्म कहाँ मिलेगा ?
गार्ड बोला , यह तो आर टी आई के ऑफिस में ही पता चलेगा ।
सा'ब आप जैसा जो भी यहाँ कुछ मांगने आता है
वह सामने वाली बिल्डिंग की चौथी मंजिल पर जाता है ।
बंदा साढ़े बारह बजे पहुंचा तो सारा ऑफिस खाली पाता है
थक हार कर वह एक कुर्सी खींच कर बैठ जाता है ।
आँख खुली तो देखा , घडी ढाई बजे का समय दिखा रही थी
और सामने वाली कुर्सी से गुनगुनाने की आवाज़ आ रही थी ।
कज़रारे कज़रारे तेरे कारे कारे नैना ---
२) वार्तालाप :
सर ये आर टी आई का फार्म क्या आपके पास मिलेगा ?
बाबु बोला भैया , यह तो लंच के बाद ही पता चलेगा ।
सर प्लीज लंच के टाइमिंग्स तो बतला दो ।
दिखता नहीं क्या , सामने लिखा है --एक से दो ।
पर मैं तो यहाँ साढ़े बारह बजे ही आ गया था ।
अरे भैया उस वक्त मैं लंच करने चला गया था ।
अब आप सोचेंगे , कि लंच की ऐसी क्या जल्दी है
भई सुबह से शाम तक खटते हैं , भूख तो लगती है ।
पर सर देखिये इस वक्त तो ढाई बजे पड़े हैं ।
ठीक है मुझे काम करने दें , क्यों सर पर खड़े हैं ?
एक मिनट का चैन नहीं , घर में बीबी की कमांड
दफ्तर में आओ तो यहाँ पब्लिक की डिमांड ।
सर अगर आप इज़ाज़त दें तो मैं कुछ बोलूं ?
अगर आपको एतराज़ न हो तो मैं ये फ़ाइल खोलूं ?
सर मैं तो बस ये जानना चाहता हूँ --
देखिये मैं आपको ये कहना चाहता हूँ ।
कि यदि चाहने से ही सब कुछ हो जाता
तो मैं भी इस वक्त रेस्तरां में खाना खा रहा होता ।
आप सीधे सीधे बोलिए , आपको क्या काम है
मैं एक सवाल का ज़वाब दे सकता हूँ , मुझे और भी काम हैं ।
ये आर टी आई का फार्म क्या आपके पास मिलेगा ?
नहीं । अब तू चलता है या यहीं खड़ा रहेगा ।
तो फिर कहाँ मिलेगा , यह तो बतलाइए ।
देखिये मैंने एक सवाल का ज़वाब दे दिया , अब आप जाइये ।
अरे ऐसे कैसे जाइये , आप दो घंटे में एक सवाल का ज़वाब नहीं दे सकते ।
मैं आप की शिकायत करूँगा , अब आप इस सीट पर नहीं रह सकते ।
अरे भाई साहब आप तो बुरा मान गए, बैठिये पहले कुछ ठंडा हो जाये ।
अरे छोटू उठ ज़रा , सा'ब के लिए लाना एक गरमा गर्म चाय ।
अबे उठ , कुछ काम धाम भी करता है ,
जब देखो साला खर्राटे ही भरता है ।
हाँ तो बताइए मैं आपकी क्या सेवा कर सकता हूँ ?
बस एक आर टी आई का फार्म पाने की तमन्ना रखता हूँ ।
अच्छा आर टी आई का फार्म कल मिले तो चलेगा ?
क्योंकि ये सिर्फ मिस्टर कपूर के पास ही मिलेगा ।
और मिस्टर कपूर अभी लंच पर गए हैं ।
पर सर इस वक्त तो साढ़े तीन बज गए हैं ।
अरे भाई मिसेज बजाज के साथ गए हैं , रेस्तरां
अब खाने में थोडा वक्त तो लगेगा ही ना ।
कज़रारे कज़रारे तेरे कारे कारे नैना ---
अच्छा कब तक आ जायेंगे , यह तो बता सकते हैं ?
भई क्या भरोसा , आने में दो दिन भी लगा सकते हैं ।
वैसे आपको क्या काम है कपूर से , यह तो बतलाइए ।
बताया तो था , मुझे एक आर टी आई का फार्म चाहिए ।
आपने पहले बतलाया होता तो मैं कुछ न कुछ कर देता प्रबंध
पर अब तो साढ़े चार बज रहे हैं और ऑफिस होने वाला है बंध ।
आप बस थोडा सा कष्ट और उठाइये
ऐसा करिए , आप कल आ जाइये ।
मैं कुछ न कुछ इंतजाम अवश्य कर दूंगा
आपके लिए एक फार्म ढूंढकर रख लूँगा ।
ठीक है , ऑफिस कितने बजे खुलता है ?
आप कभी भी आ जाएँ , सब चलता है ।
मैं साढ़े दस बजे आ जाऊं तो चलेगा ?
अरे नहीं उस वक्त सफाई वाला आपको परेशां करगा ।
तो ग्यारह बजे ?
आ जाइये पर इंतजार करना पड़ सकता है खूब सारा ।
दरअसल मेरी ट्रेन पहुँचने का टाइम ही है साढ़े ग्यारा ।
ठीक है , मैं फिर बारह बजे आ जाता हूँ ।
नहीं भाई , काम से पहले मैं पूजा पाठ करता हूँ ।
आप बिलकुल मत घबराइये ,
ऐसा करिए, साढ़े बारह बजे आ जाइये ।
एक दिन लंच देर से करने में मेरा क्या जाता है,
आखिर आदमी ही तो आदमी के काम आता है ।
अब चलें , टाइम वेस्ट करने में भला क्या रखा है ।
वैसे भी सरकार ने ओवर टाइम देना बंद कर रखा है ।
मुझे भी काम पर जाना है , खडूस लाला बिना बात के डांट देगा
ग़र पांच मिनट भी लेट हो गया, तो साला आधी पगार काट देगा ।
नोट: यदि आपको भी कभी कोई ऐसा अनुभव हुआ हो तो उसे सुनाइएगा ज़रूर।
यह घटना भले ही काल्पनिक है लेकिन सच्चाई के बेहद करीब है ।

