शादियों के सीजन में , मैं किस बारे में बात कर रहा हूँ, ये तो आप समझ ही गए होंगे।
आज भले ही ५१ की कोई कीमत या अहमियत न हो, लेकिन मेरे लिए ये नंबर खास है।
जी हाँ, दोस्तों, आज मेरी ५१ वीं पोस्ट है, जो आपको समर्पित कर रहा हूँ।
एक जनवरी २००९ से शुरू करके, मैंने हर हफ्ते एक पोस्ट लिखने की कोशिश की है। आज इस साल के ४७ हफ्ते गुज़रे हैं और हाज़िर है, ५१ वीं पोस्ट, सब ब्लोगर्स के नाम।
टीचर, प्रोफ़ेसर, इंजीनियर और सलाहकार
डॉक्टर, वकील, मीडियाकर्मी या पत्रकार
यू के, जर्मनी या आस्ट्रेलिया
कनाडा, अमेरिका या इंडिया
यू पी, बिहार के भइया, मराठी, बंगाली, या मद्रासी
पंजाबी, गुजराती, उत्तरांचली, राजस्थानी या दिल्लीवासी
यूवा, वृद्ध या व्यवसायिक
कार्यरत या सेवा-निवृत
बाल, बालाएं, नर , नारी
शादी शुदा या बाल ब्रहमचारी
पतले ,मोटे, काले गोरे
लंबे ,छोटे , छोरी, छोरे
कितनी विविधताएँ,
कितनी अनेकताएं
विविधता में समानता
अनेकता में एकता
एक इनकी जाति , एक बस मुकाम है
लेखन है जुनून , ब्लोगर इनका नाम है ।
और अब इसे देखें ---
गर नही तो, फ़िर ये कैसा बवाल
मिस्टर शिव, राज और बाल
फोटो --एच टी से , आभर सहित

