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Friday, September 23, 2011

भरोसा एक पल का नहीं , मंसूबे जिंदगी भर के ....


शाम का धुंधलका , आसमान में उमड़ आए काले बादलों से असमय होता अँधेरा--बाज़ार में शाम की खरीदारी करती महिलाओं की चहल पहल --घर में बच्चे खेलने की फ़िराक में होमवर्क निपटाने की जल्दी में --काम के बोझ का मारा बेचारा बाबु हाथ में ब्रीफकेस लिए कमर झुकाए घर की ओर प्रस्थान करता हुआ --रोजमर्रा की जिंदगी का एक और दिन समाप्ति की ओर।

तभी एक जोरदार आवाज़ , गडगडाहट के साथ --छत के पंखे हिलने लगे , दीवार पर टंगी तस्वीरें गिर कर टूट गई --और धड़ाम , कोई दीवार गिरने की आवाज़ --लोग घरों से बाहर निकल सड़क पर आ गए --किसी ने पीछे मुड़कर देखा , घर की छत गिर गई थी --कुछ समय पहले जहाँ बैठा था , वहां सीमेंट का एक बड़ा टुकड़ा टूट कर बिखर गया था --कुछ पल का ही फासला था जिन्दगी और मौत के बीच।

आस पास सभी जगह तबाही का आलम -अचानक बिजली भी गुम --घुप्प अंधकार --

चारों ओर हाहाकार , कोलाहल , चीत्कार --किसी को कुछ पता नहीं क्या करें , कहाँ जाएँ --तन पर स्वेटर से ठंडी हवा के झोंकों से कुछ तो राहत--लेकिन तभी आसमान में छाये बदल भी फट पड़े --मूसलाधार बारिस में भीगकर स्वेटर भी बेकार --ठंडी हवा बदन को चीरती हुई ज्यों सैंकड़ों सूइयां एक साथ चुभती हुई --कंपकपाते बच्चे को दामन में समेट कर ठण्ड से बचाने का निसफल प्रयास करती माँ-- हृदय विदारक दृश्य।

यह दृश्य किसी हॉरर फिल्म का नहीं , बल्कि सिक्किम में आए भूकंप से होने वाली तबाही का है , जिसमे सैंकड़ों लोग मृत और घायल और हज़ारों बेघर हो गए।

यह मंज़र अब धीरे धीरे सामने आ रहा है , सड़क मार्ग और संचार साधन खुलने पर।

यहाँ दिल्ली में बहुमंजलीय ईमारत के अपने आरामदायक अपार्टमेन्ट में बैठा एक ब्लोगर जुटा है ब्लॉग पर धड़ाधड टिप्पणियां करने में --ब्लॉगजगत में गहमागहमी छाई हुई है --तर्क वितर्क , आरोप प्रत्यारोप , बनते बिगड़ते आभासी रिश्ते --ब्लॉगजगत जैसे बौखला सा गया है---

अचानक अहसास होता है --दिल्ली भी हाई सीस्मिक ज़ोन में है --यदि यही तबाही यहाँ भी हुई होती तो ! !

ऊंची ऊंची बिल्डिंग्स में रहने वाले कहाँ जायेंगे भागकर --मौत से भी भागकर कोई बचा है !
फिर ख्याल आता है ---

भरोसा एक पल का नहीं , मंसूबे बनाने बैठे हैं उम्र भर के ।
जो पल अभी है , उसे यूँ ही बर्बाद कर रहे हैं , फालतू की बातों में।


इसलिए आईये प्रण करें --आज से ही ब्लोगिंग में कोई ईर्ष्या द्वेष वाली बात नहीं करेंगे ।

नोट : ब्लोगिंग में सद्भावना बनाये रखने के लिए आप सब का सहयोग अपेक्षित है ।