उस वर्ष इतवार था।
पति बोला, आज हमारा भी व्रत रखने का विचार है।
पत्नी बोली, साथ निभाओगे हमें इसका पूरा एतबार है।
पर सोचती हूं, दफ्तर में गुपचुप समोसे कैसे खाओगे,
भूल गए क्या, इस वर्ष तो करवा चौथ के दिन इतवार है। 🌷🌷
उस वर्ष इतवार था।
पति बोला, आज हमारा भी व्रत रखने का विचार है।
पत्नी बोली, साथ निभाओगे हमें इसका पूरा एतबार है।
पर सोचती हूं, दफ्तर में गुपचुप समोसे कैसे खाओगे,
भूल गए क्या, इस वर्ष तो करवा चौथ के दिन इतवार है। 🌷🌷
सच में, ये पढ़कर मेरे चेहरे पर तुरंत मुस्कान आ गई। आपने बहुत हल्के-फुल्के अंदाज़ में एक प्यारी सी नोकझोंक दिखा दी। पति का व्रत रखने का उत्साह और पत्नी का तुरंत मज़ेदार तंज, दोनों बहुत रियल लगे। “समोसे कैसे खाओगे” वाली लाइन ने तो सीन ही बना दिया, क्योंकि हम सब ऐसे छोटे झूठ या बहाने जानते हैं।
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