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Saturday, December 19, 2020

कोरोना काल के 9 महीने--

 कोरोना काल के 9 महीने:

18 मार्च 2020 को अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बंद की गईं थीं। आज 9 महीने पूरे हो गये। इस कष्टकाल मे भी कुछ बातें सुखद बनकर सामने आईं हैं, जैसे :

* अब लोगों को मास्क पहनने की आदत सी पड़ गई है। इसलिए कोरोना खत्म होने के बाद भी लोग जापानियों की तरह बिना शरमाये मास्क पहन सकेंगे। इससे निश्चित ही स्वास रोगियों को बहुत लाभ होगा।
* अब शादियों, पार्टियों आदि में जाने की लोगों की आदत छूट सी गई है। आशा है यह आदत भविष्य में बरकरार रहेगी और लोग 50 की सीमा का पालन करते रहेंगे। इससे शादियों का खर्च बहुत कम हो जाएगा जिससे समाज के एक बड़े वर्ग को बहुत राहत मिलेगी।
* लोगों ने समझ लिया कि वर्क फ्रॉम होम करके भी काम चल सकता है। इससे भविष्य में भी कंपनियों को किराए से और कर्मचारियों को ट्रांसपोर्ट के खर्च से राहत मिलती रहेगी।
* इन 9 महीनों में लोगों ने कम में भी गुजारा करना सीख लिया है। मंदी के इस लंबे दौर में यह बहुत सहायक होगा।
* आलसी और कामचोर लोग भी अब अपना काम स्वयं करने लगे हैं। यह आत्मनिर्भरता की ओर पहला कदम है।
* कुछ धंधे बंद हुए या मंद हुए तो कुछ नए धंधे भी शुरू हुए। रोजगार के नए आयाम बने ।
* लोगों ने आम तौर पर स्वच्छता के महत्त्व को समझा और अब न केवल हाथ धोने का प्रचलन बढ़ा, बल्कि बहुत से लोग दिन में दो बार नहाने भी लगे।
* और सबसे महत्त्वपूर्ण बात ये कि अब सब लोगों से मिलने पर हाथ जोड़ कर अभिवादन करने लगे हैं। यानि अपनी संस्कृति को अपनाने लगे हैं।
बस अब यही आशा और अपेक्षा है कि लोगों में आये ये सुधार आगे भी यूं ही बने रहें । 🤠🤓🤡


2 comments:


  1. जय मां हाटेशवरी.......

    आप को बताते हुए हर्ष हो रहा है......
    आप की इस रचना का लिंक भी......
    20/12/2020 रविवार को......
    पांच लिंकों का आनंद ब्लौग पर.....
    शामिल किया गया है.....
    आप भी इस हलचल में. .....
    सादर आमंत्रित है......


    अधिक जानकारी के लिये ब्लौग का लिंक:
    https://www.halchalwith5links.blogspot.com
    धन्यवाद

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  2. आदतों में बदलाव स्थायी होने से मानव इस काल में नहीं आ पाते
    मनुष्य ही वो क्या जिसकी फ़ितरत एक सी रहे

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