Sunday, June 14, 2009

दिल्ली मेडिकल ऐसोसिअशन द्वारा ७ जून को डी एम ए हॉल में एक हास्य कवि सम्मलेन का आयोजन किया गया जिसका संचालन करने का सौभाग्य मुझे मिला. इस अवसर पर कवि राजेश चेतन और कवि कुलदीप ललकार समेत १० कवियों ने भाग लिया. प्रस्तुत हैं उसी अवसर की कुछ झलकियाँ :
"मैं फूल ले के चला
वो त्रिशूल ले के आ गये
रोमेंटिक क्लाईमेट था, मैं भी अपटूडेट था
उस दिन तो सारा मामला भी सेट था
मेरे प्रेम की अमर ज्योति को बुझा गये॥"

- कवि अनीश भोला




उसके रोम - रोम में विष का संचार कर जात हूँ
मुझे खाने वाला नही करता,
किसी कि जी-हजूरी और जय-जयकार,
राजाओं का राजा मेरा नाम है - राज दरबार
एक-एक बाद -एक, एक के बाद एक
नही आता खाने वाला, मुझे खाने से बाज
और एक दिन दुनिया मे वो जाता है लाईलाज,

- कवि स्पर्श जैन

3 comments:

  1. bahut khoob jee pehle pata chal jaataa to waaheen pahunch kar aanaand lete...ye bhee badhiyaa raha..

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  2. आभार इस रपट का...

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  3. abhinandan !
    badhaai !
    agle program k liye shubh kaamnaayen___________

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