Wednesday, June 10, 2009

आठ जून की सुबह काव्य जगत में एक बेहद दुखद समाचार लेकर आई जब पता चला कि सुप्रसिद्ध हास्य-व्यंग कवि श्री ओमप्रकाश आदित्य, श्री नीरज पुरी और श्री डाल सिंह गुर्जर असंभावित एवम आकस्मिक दुर्घटना में हमेशा के लिए हमसे दूर चले गए. हम तो दिल्ली मेडिकल एसोसियेशन द्वारा पहली बार आयोजित हास्य कवि सम्मेलन की सफलता पर संतुष्टि का अहसास ही कर रहे थे कि तभी ये दुःख भरा समाचार सुनकर मनो वज्रपात सा हो गया. श्री ओमप्रकाश आदित्य के हास्य- व्यंग से परिपूर्ण छंद हम सालों से सुनते आये हैं और आनंदविभोर होते रहे हैं. उनकी सरल और सोम्य वाणी सदा हमारी यादों में बसी रहेगी. इस दुःख की घडी में सारा शोकाकुल कवि परिवार एक है और हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वो दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में स्थान प्रदान करे.

3 comments:

  1. हँसाने वाले भी कभी कभी रुलाते हैं यही समझ मे आताहै

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  2. हँसाने वाले सब को रुलाकर चले गये..

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  3. जाना तो सबको होता है लेकिन ..ऐसे?...अकस्मात?... दुखद रहा इस बात को पुन: स्मरण करना

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