Thursday, October 11, 2018

गूगल महाराज की जय --




कुछ ढूंढते ढूंढते हमने देखा कि गूगल सर्च में कुछ भी सर्च करो तो फ़ौरन सारी जानकारी आसानी से मिल जाती 
है।  बस हमने यूँ ही उत्सुकतावश पूछ लिया कि -- Who is Dr T S Daral ? क्लिक करते ही गूगल ने बताया कि 
इसकी जानकारी ११,९०,००० pages में समायी है।  हमने कुछ को खोलकर देखा तो ऐसी ऐसी जानकारियां मिली 
जिनकी जानकारी हमें खुद भी नहीं थी। एक तरह से जब से देश ने कंप्यूटर पर काम करना शुरू किया है, तब 
से अब तक की सारी बातें , कुछ सच्ची , कुछ झूठी , गूगल ने बता डाली। अब एक बात तो तय है कि मनुष्य 
विशेष रहे या न रहे, जब तक सूरज चाँद और गूगल रहेगा, तब तक इंसान तेरा नाम रहेगा। यह फोटो भी हमें 
गूगल से ही मिली      

4 comments:

  1. आज सलिल वर्मा जी ले कर आयें हैं ब्लॉग बुलेटिन की २२०० वीं पोस्ट ... तो पढ़ना न भूलें ...

    गिरिधर मुरलीधर - 2200 वीं ब्लॉग-बुलेटिन " , में आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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  2. गूगल बाबा की जय!
    बधाई हो बधाई!

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  3. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (13-10-2018) को "व्रत वाली दारू" (चर्चा अंक-3123) पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ...।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  4. मन खुश हो गया चंद पंक्तियों मे ,गूगल बाबा की महिमा कुछ ऐसी ही है आदरणीय ...

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