Wednesday, November 6, 2013

व्यस्त जीवन मे हंसने के क्षण निकालना भी आवश्यक है -- कुछ हंसिकाएं !


1) दो कंजूस : 

दो कंजूस मित्रों की हुई शादी 
और बात हनीमून की आई ,
तो एक कंजूस ने चिंता ज़ताई 
यार यह तो बिना बात का खर्चा आ गया ! 
दूसरा कंजूस बोला सच कहा भाई  
इसीलिये आधा खर्चा बचाने को , 
मैं तो हनीमून पर अकेला ही चला गया ! 
पहला बोला यार सब फिज़ूलखर्ची है  
मैने तो पूरा ही खर्चा सहेज लिया !
और हनीमून पर पत्नी के साथ
अपनी जगह पड़ोसी को भेज दिया !

2) काम : 

मीटिंग खत्म हुई तो
बॉस पी ए से बोला,
आज तो बहुत देर हो गई !
अब घर जाकर भी काम संभालना पड़ेगा ! 
पी ए बोली , सर उसकी चिन्ता नहीं है ,
खाना बनाने का काम
आजकल हमारे पतिदेव कर रहे हैं! 
बॉस बोला डियर तुम्हारी नहीं,
हम तो अपनी बात कर रहे हैं !! 

3) डांट :

एक अफसर की पी ए देर से आई , 
साहब ने उसे जमकर डांट लगाई !
हमने कहा ज़नाब , 
काहे बेचारी महिला को डांट लगाते हैं !
वो बोले भैया , ये दफ्तर की बात है, 
घर मे तो डांट हम खुद ही खाते हैं !  

4) कविता चोर कवि :

एक बार हमने कविता सुनाई ,
सुनकर श्रोताओं ने जमकर तालियाँ बजाईं ! 
तभी एक महिला आकर बोली , 
डॉक्टर साहब कमाल है,
हम क्या सोचते थे, आप क्या निकले ! 
आप बड़े शरीफ दिखते थे,
आप तो असली कवि निकले ! 
बात हमे तब समझ मे आई, 
जब पता चला कि वो जिस कवि की फैन थी ,
उसी की काव्य गोष्ठी से होकर आई थी !
और हमने अपने नाम से
उसी कवि की कविता चुराकर सुनाई थी ! 

5) 

क्रांति :

कभी मां बाप बेटे से कहते थे,
बेटा सुन्दर , सुशील
गृह कार्य मे दक्ष  , 
लड़की से ही शादी करना !  
आजकल कहते हैं, बेटा 
शादी लड़की से ही करना !!

नोट : कृपया बताएं कौन सी हंसिका सबसे ज्यादा पसंद आई ! ( कोई भी पसंद न आई हो तो भी बताएं ) 



30 comments:

  1. वाह सभी की बातचीत अच्‍छी है :-)

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  2. सभी बढ़िया हैं ...' कविता चोर कवि' कमाल की है

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    1. जी , यह कवियों के लिये बहुत संवेदनशील मामला है !

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  3. सभी अच्छे हैं ,पहला गुदगुदा गया|
    नई पोस्ट फूलों की रंगोली
    नई पोस्ट आओ हम दीवाली मनाएं!

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  4. पी ऐ का फोटू और लगाते तो कमेन्ट देते न ....

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    1. अपॉइंट करते ही दिखा देंगे ! :)

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  5. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल बृहस्पतिवार (07-11-2013) को "दिमाग का फ्यूज़" (चर्चा मंच 1422) पर भी होगी!
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!

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  6. सभी की सभी पसंद आयी।
    लेकिन, आप पूछ रहे हैं इसलिए विशेष 2 और 3 लगी।
    कृपया बुरा मत मानना, पहली वाली मुझे कुछ अश्लील लगी।
    शायद कुछ हद्द तक अश्लील थी भी या शायद मेरी सोच गलत हैं।
    सॉरी, इस बारे में आप खुद तय कर लीजियेगा।
    धन्यवाद।
    ऐसे ही लोगो को हंसाते रहियेगा, थैंक्स।
    चन्द्र कुमार सोनी
    WWW.CHANDERKSONI.COM

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    1. सोनी जी , अश्लील तो नहीं लेकिन व्यस्कों के लिये कह सकते हैं . इतना तो चलता है .

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  7. पहली तो मारक थी ←शेष सभी भी उद्धारक ! तुसी ग्रेट हो डाक्टर साहब!

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  8. पहले ये बताईये कि किस हंसिका को लिखते हुए ज़्यादा गुदगुदी हुई :-)

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    1. पहली को छोड़ बाकी सब हकीकत हैं जी . अब आप बताईये , कौन सी पसंद आई !

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  9. बढ़िया प्रस्तुति है महोदय-
    शुभकामनायें स्वीकारें-

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  10. बहुत ही मनोरजक ...

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  11. क्रमांक चार तो बेहद पसंद आया ... बढ़िया प्रस्तुति

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  12. सभी शानदार हैं … डांट और कविता चोर कवि ज्यादा पसंद आई !

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  13. बेहतरीन हंसिकाये

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  14. डाक्टर साहिब हशिकाएं सभी जानदार , चुराई हुयी कविता बेहद शानदार .. कभी कभी अकविता लिखकर हमें भी शक होता है ये किसी और की तो नहीं .. नाहक चोर बन जाऊं ...... बधाई

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  15. सारी हंसिकायें पसन्द आयी
    सबसे ज्यादा कविता चोर कवि

    प्रणाम

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  16. हा हा यूं तो सभी अच्छी हैं ... पर क्रान्ति मस्त है सबसे ...

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  17. हा हा हा हा हमें तो कविता चोर कविता सबसे जोरमजोर लगी जी , मगर बांकी भी बराबर फ़टाके सी हैं :)

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  18. पसंद करने के लिये आप सभी का आभार ! कविता चोर कवि को सबसे ज्यादा वोट मिले ! अंतिम को भी बहुत पसंद किया गया ! हास्य मे व्यंग का पुट चार चाँद लगा देता है !

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  19. ४ नंबर वाली सबसे कमाल की है जी ....कविता चोर कवि

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  20. जी सारी की सारी

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