Tuesday, March 5, 2019

भारत के नंदन , अभीनंदन , तुम्हे वंदन --



आतंक के ठिकानों की तबाही से मुँह मोड़ना पड़ा ,
नापाक पाक को खुद अपना ही गुरुर तोड़ना पड़ा।
मोदी ने विश्व नेताओं से मिलकर कसा ऐसा शिकंजा ,
अभीनंदन को बिना शर्त सही सलामत छोड़ना पड़ा। 

ना तो इमरान को हिंदुस्तान पर प्यार आया है ,
ना ही उसके मन में शांति का विचार आया है।
बाजवा को याद आ गई सिद्धू की प्यार भरी झप्पी,
ठोको ताली, अभिनन्दन को तो सिद्धू ने बचाया है।

एक तो आतंकियों को पनाह देकर गुनाह कर रहे हो ,
फिर फिदायीन बनाकर कश्मीर को तबाह कर रहे हो।
उस पर कहते हो कि मैं नहीं हूँ शांति नोबल के लायक,
यार तुम तो ऐसे माहौल में भी अच्छा मज़ाक कर रहे हो।

अपने छोटे से विमान से पाकी एफ १६ को गिराया है,
फिर पाक सैनिकों के सामने गर्व से सिर उठाया है।
फैशन के दौर में युवा भूल गए थे मूंछों की शान को,
अभिनन्दन तुम्हारी मूंछों ने सचमुच गज़ब ढाया है।

जो मांग रहे हैं आतंकवादियों की मौत के सबूत,
खुद जाकर देख लें अड्डों की तबाही के सबूत । 
फिर भी ग़र शक है अपनी सैनिक कार्रवाई पे ,
जहन्नुम में तो मिल ही जायेंगे ७२ हूरों संग कपूत। 



3 comments:

  1. वाह! शानदार प्रस्तुति।
    मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।
    iwillrocknow.com

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  2. आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल बुधवार (06-03-2019) को "आँगन को खुशबू से महकाया है" (चर्चा अंक-3266) पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  3. https://bulletinofblog.blogspot.com/2019/03/blog-post_5.html

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