Sunday, October 26, 2014

दमन से सिलवासा , एक खूबसूरत सफ़र , जहां झील और पहाड़ आपका मन मोह लेते हैं ...


मुंबई से दमन हालांकि मात्र १८० किलोमीटर दूर है लेकिन एक रात रुकने के बाद आपको देखने को कुछ विशेष नहीं मिलेगा ! यदि आप दो रात रुकने के लिये आये हैं तो एक बढिया विकल्प है सिलवासा की सैर ! दमन से सिलवासा मात्र २५ किलोमीटर दूर है और उसी सड़क पर पड़ता है जिससे होकर आप हाईवे से दमन पहुंचते हैं ! दमन से सीधी सड़क हाईवे को पार कर दादरा होती हुई सिलवासा को जाती है ! दादरा भी दमन की तरह केन्द्रशासित प्रदेश है जबकि सिलवासा गुजरात मे पड़ता है !   



यूँ तो दादरा सिलवासा सड़क काफी धूल भरी लगी लेकिन सिलवासा के बायीं ओर का क्षेत्र बहुत हरा भरा है ! शहर से पहले ही एक पार्क है जिसमे एक सुन्दर झील बनी है ! विश्वास नहीं होता कि एक वर्णनातीत शहर मे इतना खूबसूरत पार्क कैसे अनुरक्षित है !        





झील के चारों ओर और हरी भरी घास के मध्य फुटपाथ बने हैं जिस पर चलकर यूँ लगता है जैसे हम मेडिटेशन कर रहे हों ! हालांकि बाहर सड़क पर वतावरण धूल मिश्रित था , लेकिन हरी हरी घास और उसके बीच धोलपुर स्टोन मे बना फुटपाथ ऐसा लग राहा था जैसे बारिश मे नहाया हुआ हो !  




सिलवासा शहर से बाहर निकलते ही बायीं ओर ही एक छोटी सी सड़क जाती है जो मधुबन रिजर्वायर को जाती है ! घनी हरियाली के बीच से होकर एक पतली सी सड़क डैम तक जाती है जिसके पास के छोर पर एक सरकारी रेस्ट हाउस बना है जिसके बाहर से आम जनता रिजर्वायर से बनी सुन्दर विशाल झील का सुन्दर नज़ारा देख सकती है ! क्योंकि हम स्वयं एक सरकारी अफसर हैं , इसलिये हमने यह लुत्फ अंदर जाकर उठाया ! यहीं पर बने रेगुलेटर से निकलती है दमन गंगा नाम की नदी जो दमन जाकर अरब सागर से मिलती है !     
डैम से वापस आते हुए रास्ते मे एक छोटा सा टाईगर सफारी है जो बड़ा निराशाज़नक लगा ! बहुत कम क्षेत्र मे एक अकेली मरियल सी शेरनी को देखने के लिये एक रिकेटी गाड़ी मे बैठकर घूमना २५ रुपये प्रति सवारी भी समय और धन की बर्बादी ही लगी ! ज़ाहिर है , इसे आसानी से छोड़ा जा सकता है ! मेन रोड पर आकर थोड़ा आगे बढ़ने पर एक डियर पार्क भी बना है जहां यदि फालतू समय हो तो जाया जा सकता है ! हालांकि लंच के बाद शाम को ३-६ बजे तक ही  खुला रहता है !  




इस रिज़रवायर से बनी झील इतनी विशाल है कि मीलों तक बस पानी ही पानी दिखाई देता है जिसके बीच हरे भरे टापू भी नज़र आते हैं ! झील के आखिरी छोर तक जाने के लिये और ३० किलोमीटर आगे जाना पड़ता है ! मेन रोड़ से मुड़ने के बाद जल्दी ही घनी हरियाली से होती हुई सुन्दर सड़क छोटे छोटे गांवों से होती हुई पहाड़ी क्षेत्र मे आ जाती है ! यहाँ ऐसा लगता है जैसे हम किसी खूबसूरत हिल स्टेशन पर जा रहे हों ! एक जगह पर सबसे ऊंचे स्थान से झील का नज़ारा अत्यंत रमणीक दिखाई देता है !      




घने पेडों के बीच से झील का एक और दृष्य ! 




पहाड़ से सड़क धीरे धीरे ढलान पर होती हुई घाटी मे आ जाती है जहाँ हरे भरे समतल क्षेत्र से होती हुई कभी उपर कभी नीचे होती हुई हिचकोले खिलाती हुई सड़क पर गाड़ी सरपट दौड़ती है ! यहाँ आकर सफ़र और भी सुहाना हो जता है ! ऐसा लगता है जैसे हम किसी सुनसान इलाके मे जा रहे हों ! लेकिन अन्तत : दूधनी नाम का एक कस्बा दिखाई देता है जहाँ स्कूल , चिकित्सा केन्द्र और अन्य सरकारी दफ्तर दिखाई देते हैं जिन्हे देखकर लगता है जैसे जंगल मे मंगल हो गया हो !     




इक्के दुक्के मकानों से बने दूधनी कसबे के अन्त मे बना है यह पर्यटन विभाग का रेस्ट हाउस जिसके खूबसूरत हरे भरे लॉन को देखकर ही यहाँ एक रात बिताने का मन करने लगता है ! इसमे कई कोटेजिज बनी हुई हैं , हालांकि हमने इसमे रुकने के लिये सम्बन्धित जानकारी हासिल नहीं की ! लेकिन झील किनारे बने इस रेस्ट हाउस को देखकर ही आनंद आ जाता है ! 




और यह है झील का किनारा दूधनी एंड पॉइंट , जहाँ से आप झील मे बोटिंग करने के लिये बोट और शिकारा किराए पर ले सकते हैं ! चार व्यक्तियों की बोट का किराया था २०० रुपए , आधे घंटे के लिये ! बोटिंग के लिये इतना खूबसूरत प्लेटफार्म हमने पहले कभी नहीं देखा !   




यूँ तो डैम से बनी झील काफी बड़ी है और विशाल क्षेत्र मे फैली है , लेकिन पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण झील के आस पास अनेक गांव और खेत खलिहान नज़र आते हैं ! झील भी छोटे छोटे टुकडों मे बटी नज़र आती है ! लेकिन हौले हौले बहती पवन झील के पानी मे छोटी छोटी लहरें पैदा करती हैं जिन पर जब सूर्य की किरणें गिरती हैं तो ऐसा लगता है जैसे झील के पानी मे सोने के टुकडे बिखर गए हों !       




चप्पू से चलने वाली बोट करीब आधे घंटे मे एक टापू पर पहुंच जाती है जहाँ हम आधे घंटे तक रुक कर प्रकृति का आनंद ले सकते हैं ! इसके लिये टोटल किराया २५० रुपए है ! यहाँ एक खूबसूरत बगीचा बनया गया है जिसके चारों ओर खूबसूरत कोटेज बनी हैं जहाँ आप रात के लिये रुक सकते हैं !      



यह स्थान बहुत खूबसूरत लगा और यदि पहले पता होता तो यहा रुकने का प्रबन्ध किया जा सकता था जो अपने आप मे एक अनुपम अनुभव होता ! चारों ओर पहाड़ और उनके बीच मे झील जैसे एक स्वर्गिक अहसास देती हुई !  




इस सुहाने सफ़र से वापस आकर शाम को समुद्र किनारे बने रेस्ट्रां के बार मे बैठकर चिल्ड बियर पीते हुए सागर की लहरों को देखना वास्तव मे शब्दों मे अवर्णनीय एक सुखद अहसास है ! लेकिन यह तभी सम्भव है जब आप अपने किसी खास के साथ हों और दिलों मे प्यार हो ! इसलिये यदि संभव हो या कभी अवसर मिले तो अपनी इच्छाओं का दमन न करते हुए आप दमन जाइये और मुंबई के करीब एक पर्यटक स्थल का आनंद लीजिये !     


Friday, October 10, 2014

मुम्बई से दमन , एक सप्ताहंत यात्रा ---


दिल्ली के आस पास २०० से ३०० किलोमीटर की दूरी पर अनेक पर्यटक स्थल हैं जहां देश विदेश से सैलानी घूमने के लिये आते हैं ! दिल्ली वालों के लिये भी ये स्थल अच्छे वीकेंड एस्केप का काम करते हैं ! इसी तरह मुम्बई के आस पास भी कुछ स्थान ऐसे हैं जहां मुम्बईकार सप्ताहांत मज़े से बिताकर तरो ताज़ा महसूस कर सकते हैं ! इन्ही मे से एक है , केन्द्रीय शासित प्रदेश दमन !  



मुम्बई से दमन की दूरी मात्र १८० किलोमीटर है ! यहाँ जाने के लिये आपको राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर ८ पर जाना पड़ेगा जो मुम्बई से अहमदाबाद को जाता है ! रास्ते मे ३-४ टॉल प्लाज़ा मिलेंगे जहां आपको टॉल टैक्स देना पड़ेगा ! लेकिन हाईवे बहुत अच्छा बनाया गया है और बहुत ही खूबसूरत हरी भरी वादियों से होता हुआ गुजरता है ! इसलिये जल्दी ही आप टॉल की मार को भूल जाते हैं ! 




दोनो ओर छोटे छोटे हरे भरे पहाड़ विभिन्न आकृतियों मे आपका मन मोह लेते हैं ! महाराष्ट्र गुजरात बॉर्डर पर आपको गाड़ी का एंट्री पास भी बनवाना पड़ेगा ! अन्तत: वापी नाम के शहर से बायीं ओर मुड़कर करीब १२ किलोमीटर के बाद आप पहुंच जाते हैं दमन ! यूं तो यह एक छोटा सा कस्‍बा जैसा ही है लेकिन समुद्र किनारे अनेकों होटल और रिजॉर्ट्स बने हैं जहां ठहरना अपने आप मे एक अनुपम अनुभव होता है ! अधिकतर होटल्स देवका बीच रोड़ पर बने हैं जिनमे रेस्ट्रां समुद्र किनारे इस तरह बनाये गए हैं कि आप खाते पीते हुए समुद्र की लहरों का आनंद ले सकते हैं !     


लेकिन यह तभी संभव है जब समुद्र मे पानी हो ! चौंकिये मत , पहली नज़र मे आपको ऐसा ही लगेगा ! दिन के समय समुद्र का तल काफी नीचे हो जाता है जिससे पानी किनारे से २००-३०० मीटर दूर चला जाता है ! और आपको दिखाई देते हैं ये काले काले पत्थर जिनके बीच कहीं कहीं थोड़ा सा पानी ऐसे नज़र आता है जैसे समुद्र मे भी सूखा पड़ गया हो !  




लेकिन यदि दिल मे उमंग हो और अपनों का साथ हो तो रेगिस्तान मे भी आनंद मनाया जा सकता है ! घूमने वाले पत्थरों और रेतीले पानी को पार कर दूर समुद्र किनारे तक पहुंच ही जाते हैं ! विशेषकर शाम के समय नज़ारा अद्भुत होता है जब अरब सागर मे पश्चिम की ओर सूर्य की लालिमा समुद्र की लहरों के साथ अठखेलियाँ करने लगती है ! सैलानी इस अलौकिक दृश्य को आँखों मे भरकर भाव विभोर हो जाते हैं ! 



सूरज के ढलने के साथ ही समुद्र तल उपर उठने लगता है और पानी का स्तर भी बढ़ने लगता है ! अब सभी किनारे की ओर प्रस्थान करने लगते हैं ! हालांकि मौज मस्ती के मूड मे आये कुछ युवा लोग पानी के किनारे बैठ कर बीयर का सेवन करते नज़र आते हैं , लेकिन शाम के समय जब पानी का स्तर बढ़ने लगता है , तब ऐसा दुस्साहस करना एक मूर्खतापूर्ण कदम साबित हो सकता है ! 



बीच पर बने सभी होटल्स मे रेस्ट्रां समुद्र की ओर बनाये गए हैं ताकि खाने पीने के साथ साथ आप समुद्र से आती शीतल हवा का भी आनंद ले सकें ! शाम के समय यहाँ संगीत और ग़ज़लों के स्वर भी गूँजने लगते हैं ! सभी रेस्ट्रां मे बार भी उपलब्ध हैं ताकि इनहॉउस ही मदिरापान का लुत्फ़ उठाया जा सके ! हालांकि दमन मे मुम्बई की अपेक्षा शराब बहुत सस्ती है लेकिन बार मे तो रेट महंगे ही मिलेंगे ! फिर भी पीने वालों को रेट नहीं टेस्ट की फिक्र होती है जो यहाँ पूर्ण होती है ! 



रात मे समुद्र तल इतना उपर आ चुका होता है कि पानी अब किनारे तक पहुंच चुका होता हैं ! यह एक अज़ब नज़ारा होता है कि जहां दिन मे दूर दूर तक पत्थर दिखाई देते हैं , वहीं सवेरा होने पर पानी ही पानी दिखाई देता है !  


हालांकि दो दिन का ब्रेक भी आपमे नई चुस्ती और स्फूर्ति का संचार कर सकता है और आप एक अच्छा सप्ताहंत मना सकते हैं , लेकिन यदि आप बीच और समुद्र मे नहाने के शौकीन हैं तो दमन मे बीच निराश ही करेगी ! यहाँ सिर्फ दो ही बीच हैं और दोनो ही काले रंग के पथरीले रेत और रोड़ियों से भरी हैं ! साथ ही पत्थरों के बीच पानी मे नहाना निश्चित ही खतरनाक है ! लेकिन यह शौक पूरा करने के लिये यहाँ एक वाटर पार्क है जिसमे कृत्रिम बीच बनाई गई है जहां आप समुद्र की लहरों का मज़ा ले सकते हैं जैसे टोरंटो के वंडरलेंड मे है ! इसके अलावा दमन मे कुछ विशेष नहीं है ! 
लेकिन निराश मत होइये , यदि आप प्रकृति के बीच घूमने के शौकीन हैं तो अगली पोस्ट पढ़ना मत भूलियेगा !